चीनी AI का ओपन-वेट में दबदबा, अमेरिकी कंपनियों को सीधी चुनौती
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में चीनी कंपनियां इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रही हैं। उन्होंने बाजार में सस्ते और अपनी जरूरत के हिसाब से बदले जा सकने वाले 'ओपन-वेट' मॉडल्स उतारे हैं।
हाल ही में लॉन्च हुआ मूनशॉट AI का किमी K3 एक ऐसा ही मॉडल है। ये मॉडल्स सीधे तौर पर OpenAI और एंथ्रोपिक जैसी बड़ी कंपनियों को टक्कर दे रहे हैं।
खास बात यह है कि इन मॉडल्स को डाउनलोड करके अपनी पसंद के हिसाब से बदला जा सकता है और इन्हें अपने कंप्यूटर पर भी चलाया जा सकता है।
इससे कंपनियों को अपने काम पर ज्यादा नियंत्रण मिल पाता है और साथ ही खर्च भी कम होता है। चीनी कंपनियों का यह कदम महंगे अमेरिकी AI विकल्पों पर अच्छा-खासा दबाव बना रहा है।
ओपनराउटर चार्ट्स में शीर्ष पर टेनसेंट और शाओमी
वर्तमान में टेनसेंट और शाओमी जैसे चीनी डेवलपर्स, ओपनराउटर जैसे प्लेटफॉर्म्स पर इस्तेमाल के चार्ट्स में सबसे ऊपर चल रहे हैं।
इसकी वजह यह है कि उनके AI मॉडल्स कोडिंग या डॉक्यूमेंट्स का सारांश तैयार करना जैसे रोजमर्रा के कामों को बहुत तेजी से और कम खर्च में कर दिखाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ये ओपन-वेट AI कंपनियों की लगभग 95 फीसदी जरूरतों को पूरा कर सकते हैं। इसकी वजह से पूरा उद्योग अब महंगी और खास सेवाओं के बजाय ऐसे समाधानों की तरफ जा रहा है, जो लचीले हों और बजट में फिट बैठते हों।
यहां तक कि अमेरिका की बड़ी-बड़ी कंपनियां भी अपने खुद के ओपन-वेट मॉडल्स लाकर इस रेस में पीछे नहीं रहना चाहतीं।