चीन ने पेश की अपनी पहली EUV चिप मशीन, ASML को मिलेगी टक्कर
चीन ने अपना पहला एक्सट्रीम अल्ट्रावॉयलेट (EUV) लिथोग्राफी मशीन प्रोटोटाइप पेश किया है। यह बहुत छोटे और एडवांस चिप्स बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इससे पहले सिर्फ डच कंपनी ASML ही ऐसी मशीनें बना पाती थी। पश्चिमी देशों के निर्यात प्रतिबंधों के चलते चीन की इन तक पहुंच नहीं थी। यह कदम दर्शाता है कि चीन वैश्विक चिप दौड़ में आगे निकलने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है।
बड़े उत्पादन के लिए तैयार नहीं है मशीन
यह प्रोटोटाइप शेंजेन में काम कर रहा है। इसे घरेलू तकनीक का इस्तेमाल कर और पुराने विदेशी मशीनों के पुर्जों को रिवर्स-इंजीनियर करके बनाया गया है।
काम में तेजी लाने के लिए चीन ने ASML और ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC) जैसे बड़े-बड़े विशेषज्ञों को भी अपने साथ जोड़ा है।
हालांकि, फिलहाल यह मशीन ASML की गति का मुकाबला नहीं कर सकती। इसकी गति धीमी है और अभी यह बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए तैयार नहीं है।
इसके बावजूद, विशेषज्ञों का मानना है कि चीन 2030 तक इन मशीनों का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर सकता है, जिससे चिप तकनीक में वैश्विक नेतृत्व बदल सकता है।