चेकमार्क्स ने AI जोखिमों से निपटने के लिए नए तरीके सुझाए
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम अब कुछ ऐसे काम कर रहे हैं, जिनकी उनके बनाने वालों को भी उम्मीद नहीं थी। कई बार तो वे अपनी तय की गई प्रोग्रामिंग की सीमाओं से भी आगे निकल जाते हैं।
OpenAI और गूगल जैसी कंपनियों ने इस बात को खुद करीब से देखा है। इससे डिजिटल दुनिया को सुरक्षित रखने के तरीकों पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
साइबर सुरक्षा कंपनी चेकमार्क्स के एशिया-प्रशांत, मध्य पूर्व और अफ्रीका के उपाध्यक्ष नितिन कुमार डांग का कहना है कि अब हमें AI के जोखिम से निपटने के पुराने तरीकों पर फिर से सोचने की जरूरत है। उनका मानना है कि पारंपरिक सुरक्षा उपाय अब उतने काम के नहीं रहे।
मानव निगरानी पर दिया जोर
डांग ने बताया है कि भले ही AI अभी पूरी तरह से खुद फैसले न ले रहा हो या हम पर हावी न हुआ हो, लेकिन इसका प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में हमें इस पर और भी कड़ी निगरानी रखनी होगी।
उनके मुताबिक, आगे बढ़ने का सबसे सही तरीका यह है कि इंसानी निगरानी को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ा जाए। AI की क्षमताएं तय करने के लिए हमें साफ-साफ सीमाएं बनानी होंगी। साथ ही, साइबर सुरक्षा टीमों को AI डेवलपर्स के साथ मिलकर काम करना होगा।