केंद्र सरकार की अश्लील कंटेंट पर लगाम लगाने की तैयारी, बना रही नए नियम
क्या है खबर?
केंद्र सरकार ऑनलाइन कंटेंट को विनियमित करने और अश्लीलता पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से मसौदा नियम पेश करने की योजना बना रही है। प्रस्तावित IT (डिजिटल कोड) नियम, 2026 का उद्देश्य डिजिटल कंटेंट के लिए स्पष्ट सीमाएं निर्धारित करना है, जिसमें धर्मों या समुदायों पर हमले, उकसावे, झूठे दावे और आपत्तिजनक सामग्री पर प्रतिबंध शामिल हैं। नियमों में सभी डिजिटल सामग्री को आयु उपयुक्तता के आधार पर वर्गीकृत करने का भी प्रस्ताव है।
तैयारी
इस कारण बनाए जा रहे नए नियम
यह कदम पिछले सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के बाद उठाया है, जिसमें ऐसे प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया था, जो संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करते हुए अनुच्छेद 19(2) के तहत संवैधानिक रूप से अनुमत उचित प्रतिबंधों को सुनिश्चित करें। अश्लील कंटेंट प्रकाशित या प्रसारित करने के लिए दंड निर्धारित करने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के मसौदा नियमों का प्रस्ताव किया है।
प्रतिबंध
ऐसे कंटेंट पर रहेगा प्रतिबंध
इसमें ऐसी सामग्री पर प्रतिबंध रहेगा, जो शालीनता या मर्यादा का उल्लंघन करे, धर्मों या समुदायों पर हमला करे, मान-हानिकारक या फेक कंटेंट, अपराध या हिंसा को उकसाने, अपराध या अश्लीलता का महिमामंडन, अभद्र, भद्दी या आपत्तिजनक कंटेंट प्रदर्शित करे। इसमें ऐसी सामग्री पर भी प्रतिबंध है, जो व्यक्तियों या विशिष्ट सामाजिक समूहों को बदनाम करती है, महिलाओं, बच्चों या विकलांग व्यक्तियों का अपमान करती है, जातीय, भाषाई या क्षेत्रीय समुदायों का अपमानजनक या निंदनीय चित्रण करती है।
वर्गीकरण
आयु के हिसाब से वर्गीकरत होगा कंटेंट
इन नियमों में हिंसा, अश्लीलता, यौन संबंध, अभद्र भाषा, ड्रग्स, डरावने और अश्लीलता जैसे विषयों के आधार पर कंटेंट का अनिवार्य वर्गीकरण प्रस्तावित है। सभी डिजिटल कंटेंट पर आयु-उपयुक्तता का लेबल होना अनिवार्य होगा, जिसमें U (सभी आयु वर्ग), 7+, 13+, 16+, केवल वयस्क और डॉक्टर्स या वैज्ञानिकों जैसे पेशेवरों के लिए विशेष श्रेणियां शामिल हैं। यूजर्स को सोच-समझकर निर्णय लेने में सहायता के लिए कंटेंट को शुरू में ही उसके विषय-विवरण और आयु रेटिंग को प्रदर्शित करना होगा।
जरूरी
कंटेंट देखने के लिए यह होगा जरूरी
13 साल से ऊपर वाले U/A रेटिंग वाले कंटेंट के लिए माता-पिता के कंट्रोल सिस्टम की आवश्यकता होगी, जबकि केवल वयस्क कंटेंट के लिए एक विश्वसनीय आयु सत्यापन सिस्टम लागू करना अनिवार्य होगा। मौजूदा IT नियम, 2021 के सभी प्रावधान नए मसौदा नियमों के साथ लागू रहेंगे। मसौदा IT (डिजिटल कोड) नियम, 2026, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सार्वजनिक नैतिकता और नाबालिगों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने के सरकार के प्रयासों को दर्शाता है।