धरती के नजदीक से गुजरेगा बस बराबर का एस्टोयड, जानिए क्या है इससे खतरा
क्या है खबर?
नासा ने 21 अप्रैल को एक एस्ट्रोयड के पृथ्वी के निकट से गुजरने की पुष्टि की है। इसका नाम 2026 HJ1 है और यह पृथ्वी के सबसे करीब पहुंचेगा। खगोलविद दूरबीनों की सहायता से इस पर नजर रख रहे हैं। इसकी अनुमानित चौड़ाई लगभग 23 फीट है, जो लगभग एक बस के आकार के बराबर है। यह धरती से लगभग 6.43 लाख किलोमीटर की दूरी से गुजरेगा, जो पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी का 1.6 गुना है।
खतरा
क्या है एस्ट्रोयड से खतरा?
2026 HJ1 पृथ्वी के निकट के छोटे एस्ट्रोयड के एक वर्ग से संबंधित है, जो पृथ्वी के कक्षीय क्षेत्र से अक्सर बिना कोई खतरा पैदा किए गुजरते हैं। ये आमतौर पर प्रारंभिक सौर मंडल के चट्टानी अवशेष होते हैं, जो सूर्य की परिक्रमा करते रहते हैं। इसकी कक्षाएं अंडाकार हैं, जिसके कारण वे कभी-कभी पृथ्वी की कक्षा के निकट आ जाते हैं। ऐसा सूर्य और अन्य ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव के कारण होता है।
निगरानी
अंतरिक्ष एजेंसियां करती हैं निगरानी
पृथ्वी के निकट आने वाले एस्ट्रोयड की आशंका अक्सर चिंताजनक लगती है, लेकिन इस मामले में विशेषज्ञों ने पुष्टि की है कि इसके पृथ्वी से टकराने का कोई खतरा नहीं है। इसी आकार का कोई एस्ट्रोयड पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करता है तो सतह से टकराने से पहले ही घर्षण से उत्पन्न ऊष्मा के कारण वह नष्ट हो सकता है। नासा और अन्य अंतरिक्ष एजेंसियां दूरबीनों से पृथ्वी के निकट से गुजरने वाली वस्तुओं पर लगातार नजर रखती हैं।