ब्लू ओरिजन ने पहली बार न्यू ग्लेन रॉकेट बूस्टर का किया दोबारा इस्तेमाल
क्या है खबर?
अरबपति जेफ बेजोस की अंतरिक्ष कंपनी ब्लू ओरिजन ने अपने न्यू ग्लेन रॉकेट का तीसरा लॉन्च किया। रविवार (19 अप्रैल) को भारतीय समयानुसार शाम करीब 04:55 बजे यह उड़ान भरी गई। NG-3 मिशन के तहत ब्लूबर्ड 7 सैटेलाइट भेजा गया। इस मिशन की खास बात यह रही कि रॉकेट के पहले स्टेज बूस्टर का दोबारा इस्तेमाल किया गया, जो पहले उड़ चुका था। हालांकि, इसमें नए इंजन और तकनीकी सुधार भी जोड़े गए थे।
लैंडिंग
लैंडिंग रही पूरी तरह सफल
लॉन्च के कुछ मिनट बाद रॉकेट का पहला हिस्सा अलग होकर समुद्र में मौजूद ड्रोनशिप पर सुरक्षित उतर गया। यह कंपनी के लिए बड़ी उपलब्धि रही। इंजीनियरों ने रॉकेट में गर्मी से बचाने और दिशा नियंत्रित करने की तकनीक को बेहतर बनाया था। इसी वजह से यह हिस्सा सही तरीके से वापस आ सका। इस सफलता के बाद कंपनी के कर्मचारियों में खुशी देखी गई और इसे भविष्य के लिए अहम कदम माना जा रहा है।
समस्या
सैटेलाइट मिशन में आई बड़ी दिक्कत
ब्लू ओरिजन का यह मिशन पूरी तरह सफल नहीं रहा, क्योंकि ब्लूबर्ड 7 सैटेलाइट अपनी सही कक्षा तक नहीं पहुंच पाया। लॉन्च के बाद सैटेलाइट अलग तो हो गया और चालू भी हो गया, लेकिन वह तय ऊंचाई तक नहीं पहुंच सका। कंपनी ने बताया कि अब इसे वापस गिराया जाएगा। यह मिशन के लिए झटका है, लेकिन सैटेलाइट का नुकसान बीमा से कवर होने की उम्मीद जताई गई है।
असर
आगे की योजनाओं पर असर संभव
न्यू ग्लेन रॉकेट को कई बार इस्तेमाल करने के लिए बनाया गया है, जिससे लॉन्च की लागत कम हो सके। कंपनी इस तकनीक के जरिए स्पेस-X जैसी कंपनियों से मुकाबला करना चाहती है। हालांकि, इस मिशन में आई परेशानी से आगे की योजनाओं पर असर पड़ सकता है। फिर भी ब्लू ओरिजिन अपने चंद्र मिशन और अन्य अंतरिक्ष प्रोजेक्ट्स पर काम जारी रखे हुए है और आगे सुधार की कोशिश कर रही है।