भारत-विस्तार AI टूल हुआ लॉन्च, किसानों के लिए इस तरह होगा लाभकारी
क्या है खबर?
भारत सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग अब कृषि क्षेत्र में भी करने जा रही है, जिससे किसानों को लाभ मिल सके। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज (17 फरवरी) जयपुर में भारत-विस्तार AI टूल लॉन्च कर दिया है। यह कार्यक्रम स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल मैनेजमेंट में आयोजित हुआ। केंद्र सरकार का कहना है कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म किसानों को एक ही जगह पर जरूरी और भरोसेमंद जानकारी आसानी से उपलब्ध कराएगा।
खासियत
भारत-विस्तार की प्रमुख खासियतें
भारत-विस्तार एक AI-पावर्ड मल्टीलिंगुअल डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है। यह 22 से अधिक भारतीय भाषाओं में जानकारी देगा। किसान मोबाइल या साधारण फोन कॉल के जरिए भी इससे जुड़ सकेंगे और सीधे सवाल पूछ सकेंगे। इसमें फसल योजना, मौसम पूर्वानुमान, कीट नियंत्रण, बाजार भाव और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलेगी। यह नेचुरल लैंग्वेज वॉयस बॉट से लैस है, जिससे किसान बिना टाइप किए अपनी भाषा में सवाल पूछ सकेंगे।
फायदे
किसानों को मिलने वाले फायदे
सरकार के अनुसार, यह टूल किसानों को पर्सनलाइज्ड और समय पर सलाह देगा, जिससे खेती की उत्पादकता बढ़ेगी और लागत घटेगी। उन्हें फसल स्वास्थ्य और मौसम से जुड़े अलर्ट समय पर मिलेंगे। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं तक सीधी और सरल पहुंच भी इसी प्लेटफॉर्म से मिलेगी। इससे जोखिम कम होगा और सही समय पर सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण इलाकों में डिजिटल अंतर भी काफी हद तक घटेगा।
योजना
बजट घोषणा और आगे की योजना
भारत-विस्तार की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में की थी और इसे प्राथमिकता परियोजना बताया था। इसके लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह एग्रीस्टैक पोर्टल और ICAR पैकेज को AI सिस्टम से जोड़ता है। सरकार का दावा है कि इससे 14 करोड़ से अधिक किसान सीधे जुड़ सकेंगे। यह एक राष्ट्रीय डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में काम करेगा और भविष्य में एग्रीटेक स्टार्टअप को भी नए समाधान विकसित करने में मदद देगा।
उपयोग
कैसे करें भारत-विस्तार का उपयोग?
किसान इस प्लेटफॉर्म का उपयोग मोबाइल ऐप, वेबसाइट या सीधे हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके कर सकते हैं। 155261 नंबर डायल कर किसान अपनी ही भाषा में जानकारी ले सकते हैं। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बाद किसान अपनी फसल, जमीन और क्षेत्र से जुड़ी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके आधार पर उन्हें पर्सनल सलाह मिलेगी। यह सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी, जिससे किसान कभी भी मदद प्राप्त कर सकेंगे।