बेंगलुरु का स्टार्टअप कैंसर का पता लगाने के लिए कुत्तों को दे रहा ट्रेनिंग
बेंगलुरु का एक स्टार्टअप डोगनोसिस कैंसर का पता लगाने के लिए खास तौर पर बीगल नस्ल के कुत्तों को ट्रेनिंग दे रहा है।
ये कुत्ते खास 3D-प्रिंटेड हेलमेट पहनते हैं, जिनमें सेंसर लगे होते हैं। ये सेंसर उनके दिमाग और शरीर के सिग्नलों पर नजर रखते हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक इन कुत्तों की सूंघने की क्षमता से मिलने वाले डाटा को उपयोगी जानकारी में बदल देती है।
कुत्तों ने 7 तरह के कैंसर पकड़े
मरीजों को बस एक कॉटन मास्क में सांस छोड़नी होती है। फिर उस मास्क को सील करके लैब भेजा जाता है, जहां कुत्ते उसे सूंघकर जांचते हैं। इसमें मरीज और कुत्ते के बीच सीधे संपर्क की जरूरत नहीं होती।
इस अध्ययन में 6 अस्पतालों के 1,500 से ज्यादा लोग शामिल हुए थे। इन कुत्तों ने 90 फीसदी से ज्यादा सटीकता के साथ 7 तरह के कैंसर पकड़ लिए।
एक्सेल इंडिया के समर्थन से यह स्टार्टअप अपने शोध के लिए सरकारी मेडिकल संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहा है। डोगनोसिस की योजना इसे 2027 तक व्यावसायिक तौर पर बाजार में उतारने की है।