नए तरीके से एक साल पहले लगा सकेंगे अल नीनो-ला नीना का पूर्वानुमान
वैज्ञानिकों ने एक ऐसे जलवायु संकेत का पता लगाया है, जिससे अल नीनो और ला नीना जैसी घटनाओं का अनुमान एक साल पहले ही लगाया जा सकता है।
इस खोज से मौसम की चरम घटनाओं के लिए पहले से तैयारी करने और शुरुआती चेतावनी देने वाले सिस्टम को मजबूती मिलेगी। यह अहम कामयाबी कॉमनवेल्थ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (CSIRO) और मेलबर्न यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की एक टीम को मिली है।
उन्होंने हजारों पुराने मौसम पूर्वानुमानों का गहराई से अध्ययन करके यह जानकारी जुटाई है।
स्थिति सामान्य होने पर सटीक नहीं होते अनुमान
पता चला है कि प्रशांत महासागर की शुरुआती स्थिति से ही सारा फर्क पड़ता है। जब ला नीना पहले से चल रहा होता है, तब पूर्वानुमान सबसे सटीक होते हैं, लेकिन अगर, स्थिति सामान्य दिख रही हो तो अनुमान उतने भरोसेमंद नहीं होते।
शोधकर्ताओं का यह भी मानना है कि मशीन लर्निंग इन कमियों को भरने में कारगर हो सकती है। हालांकि, वे अभी इसकी जांच कर रहे हैं। अगर, यह तरीका कामयाब होता है तो हमें खराब मौसम के आने से पहले ही और भी बेहतर जानकारी मिल पाएगी।