एलियन नहीं एक्सोप्लैनेट से इस कारण आ रहे रेडियो सिग्नल, वैज्ञानिकों ने किया खुलासा
खगोलविदों ने एक सौरमंडल से बाहर किसी अन्य तारे की परिक्रमा करने वाले ग्रह एक्सोप्लैनेट से आ रही रेडियो तरंगें पकड़ी हैं। यह एक्सोप्लैनेट धरती से 63 प्रकाश-वर्ष दूर है और यह किसी एक्सोप्लैनेट से रेडियो उत्सर्जन की पहली सीधी खोज है।
शुरुआत में कुछ लोगों को लगा कि यह एलियंस का संकेत हो सकता है, लेकिन असल में ये सिग्नल इस ग्रह के अपने चुंबकीय क्षेत्र की वजह से निकल रहे हैं, ठीक वैसे ही जैसे पृथ्वी पर ऑरोरा (ध्रुवीय ज्योति) पैदा होती हैं। हार्वर्ड के वैज्ञानिक एडो बर्गर ने इसे एक बहुत ही अनोखी खोज बताया है।
बृहस्पति से मजबूत है चुंबकीय क्षेत्र
इस ग्रह बीटा पिक्टोरिस B का चुंबकीय क्षेत्र बृहस्पति से कम से कम 200 गुना ज्यादा मजबूत है। इसी के कारण इससे अनोखी रेडियो तरंगें निकलती हैं। इन तरंगों को दक्षिण अफ्रीका में मौजूद मीरकट नाम की दूरबीन से देखा गया है, जो 64 रेडियो टेलीस्कोप डिश का एक समूह है।
एम्स्टर्डम यूनिवर्सिटी के एंटोन पैनेकोएक इंस्टीट्यूट फॉर एस्ट्रोनॉमी में सह आचार्य जोसेफ कैलिंगम ने बताया कि यह पुष्टि दिखाती है कि एक्सोप्लैनेट में उम्मीद से कहीं ज्यादा मजबूत चुंबकीय क्षेत्र हो सकते हैं। इससे दूर के ग्रहों को जानने के नए रास्ते खुलेंगे।