वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड में खोजी गुरुत्वाकर्षण तरंगें, ब्लैक होल बनने का खुलेगा राज
खगोलविदों ने ब्रह्मांड में गुरुत्वाकर्षण तरंगें (ग्रैविटेशनल वेव्स) की एक हल्की-सी आवाज पकड़ी है। यह आवाज तब पैदा होती है, जब ब्लैक होल आपस में टकराते हैं।
इस खोज से यह समझना आसान हो सकता है कि ब्रह्मांड के पहले बहुत बड़े ब्लैक होल आखिर बने कैसे? पल्सर टाइमिंग एरेज का इस्तेमाल करके खगोलविदों ने इस आवाज का स्रोत बेहद कम फ्रीक्वेंसी वाली तरंगों तक पहुंचाया।
यह आवाज ज्यादातर उन ब्लैक होल से आ रही है, जो आपस में टकराने वाली आकाशगंगाओं में मिल रहे हैं, लेकिन यह ब्रह्मांड की कुछ और पुरानी घटनाओं से भी जुड़ी हो सकती है।
डार्क स्टार्स हैं इस आवाज का स्रोत
एक नए अध्ययन में यह सुझाव दिया गया है कि रहस्यमयी 'डार्क स्टार्स' ही इस आवाज का स्रोत हो सकते हैं। ये विशाल तारे थे, जो ब्रह्मांड के शुरुआती दौर में बने थे और आंशिक रूप से डार्क मैटर से ऊर्जा लेते थे।
हो सकता है कि ये तारे समय के साथ छोटे ब्लैक होल में बदल गए हों और फिर आपस में मिल गए हों। इन प्रक्रियाओं के बाद जो बहुत बड़े डार्क स्टार्स के अवशेष बचे, वे ही इस गुरुत्वाकर्षण तरंगें बैकग्राउंड में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि पल्सर टाइमिंग तकनीक में और सुधार होने पर यह पता चल पाएगा कि क्या इन प्राचीन पिंडों ने ही हमारे ब्रह्मांड के सबसे शुरुआती विशाल ब्लैक होल को आकार दिया था।