अंतरिक्ष यात्री साथ ले जा सकेंगे अंतरिक्ष में आईफोन, नासा पहले क्यों नहीं देती थी अनुमति?
क्या है खबर?
अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अंतरिक्ष यात्रियों को अब अपने साथ आईफोन समेत अन्य स्मार्टफोन ले जाने की अनुमति दे दी है। यह फैसला चांद की ओर जाने वाले आगामी मिशनों से लागू होगा। नासा का कहना है कि इससे एस्ट्रोनॉट्स अपने अनुभवों को बेहतर तरीके से रिकॉर्ड कर सकेंगे और परिवार व आम लोगों से ज्यादा सहज रूप से जुड़ पाएंगे। यह बदलाव अंतरिक्ष यात्रियों के कामकाज में एक मानवीय और आधुनिक स्पर्श जोड़ने वाला माना जा रहा है।
वजह
पहले क्यों नहीं थी स्मार्टफोन की इजाजत?
अब तक नासा अंतरिक्ष में पर्सनल स्मार्टफोन ले जाने की अनुमति नहीं देता था। इसकी वजह सुरक्षा, तकनीकी दखल, टिकाऊपन और साइबर सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं थीं। अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) पर अंतरिक्ष यात्री खास लैपटॉप और मंजूर सिस्टम का इस्तेमाल करते थे। वे ईमेल या वीडियो कॉल कर सकते थे, लेकिन सब कुछ कड़े नियमों के तहत होता था। रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले फोन स्पेस मिशन के लिए सुरक्षित नहीं माने जाते थे।
बदलाव
अब क्या बदलेगा?
क्रू-12 और आर्टेमिस II मिशन से नासा ने स्मार्टफोन को टेस्ट कर मंजूरी दी है। एजेंसी का कहना है कि ये फोन स्पेसक्राफ्ट के सिस्टम में कोई भी दखल नहीं देंगे। अंतरिक्ष में स्मार्टफोन से अंतरिक्ष यात्री अपने सभी खास पलों की तस्वीरें और वीडियो आसानी से ले सकेंगे। इससे पहले जहां हर शॉट की प्लानिंग जरूरी थी, अब वहां ज्यादा स्वाभाविक और इंसानी अनुभवों को कैद करना संभव होगा।
अन्य
अंतरिक्ष यात्राओं में एक नया नजरिया
नासा का यह फैसला सिर्फ तकनीकी नहीं, बल्कि सोच में बदलाव को भी दिखाता है। एजेंसी मानती है कि छोटे लेकिन उपयोगी फैसले लंबे मिशनों में बड़ा असर डाल सकते हैं। चांद और आगे के मिशनों में जाने वाले एस्ट्रोनॉट्स के लिए परिचित डिवाइस साथ होना मानसिक रूप से मददगार हो सकता है। नासा का मानना है कि भविष्य की अंतरिक्ष यात्राओं में ऐसे छोटे बदलाव यात्रियों को ज्यादा जुड़ा और सहज महसूस कराएंगे।