एस्ट्रो बेस पेश करेगी FFSC रॉकेट इंजन, अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ेगी भारत की धमक
भारतीय स्पेस स्टार्टअप एस्ट्रो बेस शनिवार (8 अगस्त) को अपना पहला पूरी तरह से बना 80-टन श्रेणी का फुल फ्लो स्टेज्ड कंबशन (FFSC) रॉकेट इंजन पेश करने जा रही है। 4 अगस्त को सोशल मीडिया पर इसकी झलक दिखाई गई थी।
इस घोषणा के बाद भारत उन गिने-चुने देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास FFSC तकनीक है। रीयूजेबल रॉकेट बनाने और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।
FFSC इंजन स्केलेबल और कुशल
FFSC इंजन एक खास डिजाइन पर काम करता है। इसमें जलने से पहले ईंधन और ऑक्सीडाइजर को अलग-अलग प्रोसेस किया जाता है, जिससे यह ज्यादा ताकतवर और कुशल बनता है।
साथ ही, इसके पुर्जों पर टूट-फूट भी कम होती है। 80 मीट्रिक टन थ्रस्ट (लगभग 780 किलोन्यूटन) की ताकत के साथ यह मध्यम-वजन के रॉकेट्स के लिए बिल्कुल सही है।
जरूरत पड़ने पर इसे बड़े मिशनों के लिए भी तैयार किया जा सकता है। इससे भारत की अंतरिक्ष में चीजें लॉन्च करने की क्षमता को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और विदेशी तकनीक पर निर्भरता भी कम होगी।
यह इंजन देश में ही अगली जनरेशन के रीयूजेबल रॉकेट बनाने के नए रास्ते खोलेगा।