सेना ने सीमा की निगरानी में किया AI का इस्तेमाल, चीनी सेना का प्रयास विफल
क्या है खबर?
भारतीय सेना ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग सीमाओं की निगरानी के लिए शुरू कर दिया है। इसमें उसे सफलता भी मिली है। सामरिक बल कमान के कमांडर-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल दिनेश सिंह राणा ने कहा कि AI से संचालित पूर्वानुमान टूल्स का उपयोग सेना ने अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीनी सेना के प्रयास का अनुमान लगाने और उसे विफल करने के लिए किया था। इंडिया AI इम्पैक्ट समिट को संबोधित करते हुए उन्होंने यह जानकारी दी।
तरीका
इस तरह से लगाया चीनी प्रयास का पता
वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि AI आधुनिक युद्ध, रणनीतिक सिद्धांतों और राष्ट्रीय सुरक्षा नियोजन में महत्वपूर्ण बदलाव ला रहा है। लेफ्टिनेंट जनरल राणा ने कहा कि स्थानीय स्तर पर विकसित, कम लागत वाले AI सिस्टम ने अरुणाचल प्रदेश में LAC पर विवादित क्षेत्र में चीनी सैन्य जमावड़े के शुरुआती संकेतों का पता लगाने में मदद की। उन्होंने बताया कि AI-आधारित खुफिया जानकारी की बदौलत प्रभावी सैन्य तैनाती और चीनी प्रयास विफल किया जा सका।
आवश्यकता
सेना के लिए कहां उपयोगी है AI?
लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि AI अब कोई दूर का कॉन्सेप्ट नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति परिवर्तनों का एक प्रमुख चालक है। उन्होंने अमेरिका और चीन द्वारा किए जा रहे निवेशों में वृद्धि का उल्लेख करते हुए इसे एक उभरती हुई AI दौड़ बताया। शक्तिशाली देश इसे कमान और नियंत्रण सिस्टम्स, ऑटोनॉमस हथियारों, सटीक हमलों, लक्ष्य पहचान, रसद, पूर्वानुमानित रखरखाव, समुद्री क्षेत्र जागरूकता, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, साइबर रक्षा और गलत सूचना का मुकाबला करने में शामिल कर रहे हैं।