भारत में AI के भविष्य के लिए बिजली ग्रिड में बदलाव की दरकार
एप्लाइड मैटेरियल्स ने भारत से अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अपने विद्युत ग्रिड का आधुनिकीकरण करने का आग्रह किया है और विश्वसनीय, स्वच्छ ऊर्जा की आवश्यकता पर जोर दिया है।
कंपनी का मानना है कि अच्छे सेमीकंडक्टर्स बनाने हों, डाटा सेंटर्स चलाने हों या AI से जुड़ी कोई भी चीज इन सभी के लिए स्वच्छ ऊर्जा बेहद जरूरी है।
साथ ही तकनीकी प्रगति के लिए ग्रिड आधुनिकीकरण की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया है।
कोयले पर निर्भर ग्रिड आधुनिकीकरण में रुकावट
अभी भारत का बिजली ग्रिड ज्यादातर कोयले पर निर्भर है और काफी बिखरा हुआ है, जिसकी वजह से आगे बढ़ना मुश्किल होता है।
एप्लाइड मैटेरियल्स के सुदीप बाजीकर ने समझाया कि ग्रिड में निवेश करने और उसे जोड़ने से आधुनिकीकरण की रफ्तार बढ़ जाएगी। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि नई चिप फैक्ट्रियों और डाटा सेंटर्स को स्वच्छ ऊर्जा के पास ही स्थापित किया जाए और लगातार बिजली के लिए छोटे मॉडुलर रिएक्टर्स पर भी गौर किया जा सकता है।
अगले 5 सालों में डाटा सेंटर्स की बिजली की मांग बहुत बढ़ जाएगी, इसलिए ऊर्जा नीतियों को तकनीकी योजनाओं के साथ जोड़ना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।