यूरोपीय संघ की सख्ती के बाद ऐपल बदलेगी ऐप स्टोर की नीति
यूरोपीय संघ (EU) से बाजार में गलत प्रतिस्पर्धा के लिए फटकार मिलने के बाद ऐपल अब कुछ बड़े बदलाव करने जा रहा है। पिछले साल कंपनी पर ऐप स्टोर से बाहर सस्ते ऑफर के बारे में डेवलपर्स को ग्राहकों को बताने से रोकने के लिए 50 करोड़ यूरो (करीब 5,500 करोड़ रुपये) का भारी जुर्माना भी लगा था।
अब आईफोन निर्माता ने घोषणा की है कि वह अक्टूबर तक अपनी नीतियों में बदलाव करेगी, ताकि EU के डिजिटल मार्केट्स एक्ट (DMA) का पालन किया जा सके।
डेवलपर्स को ऐप जारी करने की मिलेगी आजादी
यूरोपीय डेवलपर्स को अब जल्द ही अपने ऐप्स केवल ऐपल के ऐप स्टोर के जरिए ही नहीं, बल्कि थर्ड-पार्टी स्टोर और सीधे अपनी वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराने की आजादी मिलेगी।
ऐपल ने आसान शुल्क का भी वादा किया है। इसके साथ ही कंपनी ने कहा है कि यूरोपीय यूजर्स विदेश यात्रा के दौरान भी वैकल्पिक ऐप प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकेंगे।
आयोग अब यह बारीकी से देखेगा कि कंपनी इन वादों को कैसे निभाता है क्योंकि ऐसा न करने पर उस पर लगने वाला आवधिक जुर्माना काफी ज्यादा हो सकता था।