ऐपल ने एंटीट्रस्ट मामले में उपलब्ध नहीं कराया डाटा, अगले महीने होगी अंतिम सुनवाई
क्या है खबर?
ऐपल ने भारत के एंटीट्रस्ट निकाय की ओर से मांगा गया डाटा प्रस्तुत नहीं किया है। एक जांच में पाया गया कि अमेरिकी कंपनी ने आईफोन ऐप बाजार में अपनी प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग किया है। नियामक संस्था इस मामले में 21 मई को अंतिम सुनवाई से पहले जुर्माना तय करना चाहती है। इसके लिए आईफोन निर्माता से डाटा मांगा जा रहा है, ताकि इस मामले पर जल्द से जल्द सुनवाई पूरी की जा सके।
मौके
कंपनी को दिए गए थे आपत्ति पेश करने के मौके
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 8 अप्रैल के एक आदेश में कहा कि ऐपल ने अक्टूबर, 2024 से अपने वित्तीय विवरणों और जांच पर अपने विचारों को प्रस्तुत नहीं किया है। आदेश में कहा गया है कि कंपनी को जांच रिपोर्ट पर अपनी आपत्तियां या सुझाव दर्ज करने के लिए पर्याप्त अवसर दिए गए थे। जब कोई कंपनी कानून का उल्लंघन करती पाई जाती है तो CCI जुर्माने की गणना के लिए कंपनियों से वित्तीय जानकारी मांगती है।
जवाब
हाई कोर्ट में दी है कानून को चुनौती
ऐपल ने डाटा उपलब्ध कराने की बजाय दिल्ली हाई कोर्ट में भारत के एंटीट्रस्ट दंड कानून को चुनौती दी है। उसने इस मामले में किसी भी प्रकार की गलती से इनकार किया है। डाटा उपलब्ध कराने को लेकर कहा है कि उसे डर है कि अगर, नियामक संस्था इस मामले में जुर्माने की गणना के लिए उसके वैश्विक कारोबार का उपयोग करती है तो उस पर 38 अरब डॉलर (करीब 3,500 अरब रुपये) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।