ऐपल, अमेजन और मेटा के नए गैजेट्स वायरटैपिंग कानूनों के लिए चुनौती
ऐपल, अमेजन और मेटा ने कुछ ऐसे नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डिवाइस लॉन्च किए हैं, जो हमेशा आपके आस-पास की आवाजें सुनते रहते हैं। इन्हें एक्टिवेट करने के लिए किसी 'वेक वर्ड' (जागृत करने वाले शब्द) की जरूरत नहीं पड़ती।
यह तकनीक सुनने में भले ही भविष्य की लगती हो, लेकिन इससे एक बड़ी बहस छिड़ गई है। दरअसल, बिना सबकी इजाजत के बातचीत रिकॉर्ड करना कुछ राज्यों में वायरटैपिंग कानूनों का उल्लंघन कर सकता है।
गोपनीयता मामलों की वकील करेन पानायोटा ने इस मुद्दे पर कहा, 'जब भी कोई नई तकनीक आती है, मेरी सलाह हमेशा यही होती है कि इसे सावधानी से अपनाएं।"
उन्होंने बताया कि क्या रिकॉर्डिंग के लिए सहमति लेना जरूरी है या केवल आपकी बातों का विश्लेषण करना भी कानूनी दायरे में आता है, इस पर कई कानूनी सवाल और उलझनें हैं।
अब आ रहे रिकॉर्डिंग रोकने वाले गैजेट
भले ही ऐपल और अमेजन यह दावा कर रहे हैं कि आपका ऑडियो सेव नहीं होता और न ही किसी के साथ शेयर किया जाता है, फिर भी लोगों को यह चिंता सता रही है कि कहीं उनकी बातें सुनी न जा रही हों। खासकर, वे लोग जो रिकॉर्ड किए जा रहे हैं, उन्हें इसकी खबर तक नहीं होती।
इसी चिंता को देखते हुए यूजर्स को उनकी निजता पर फिर से नियंत्रण देने के लिए डेवेलेंस जैसी कंपनियां स्पेक्ट्रे I जैसे गैजेट्स ला रही हैं। ये गैजेट्स अनचाही रिकॉर्डिंग को पहचानकर उन्हें ब्लॉक कर सकते हैं।
यह कदम एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है, ताकि तकनीक के लगातार बदलते दौर में लोग अपनी गोपनीयता पर ज्यादा नियंत्रण रख सकें और अपनी जानकारी पर उनका पूरा अधिकार बना रहे।