बेंगलुरु कोर्ट में AI के इस्तेमाल पर उठे सवाल, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला
बेंगलुरु की एक कोर्ट का आदेश इन दिनों ऑनलाइन खूब सुर्खियां बटोर रहा है। दरअसल, इस आदेश में लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बना एक ऐसा प्रॉम्प्ट दिखा, जिसे एडिट नहीं किया गया था।
यह गलती देखते ही देखते सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई। इसके बाद से ही सब लोग इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि हम अदालतों जैसी गंभीर जगहों पर AI पर कितना भरोसा कर सकते हैं और इंसानी जांच अभी भी कितनी जरूरी है।
AI के लिए नियमों और निगरानी की मांग
ऑनलाइन इस पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ लोगों को यह गलती मजाकिया लगी, लेकिन बाकी लोगों ने कहा कि कानूनी फैसलों में ऐसी छोटी-छोटी बातें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
कई जानकारों का मानना था कि AI काम को तेज कर सकता है और अदालतों के काम करने का तरीका बेहतर बना सकता है, लेकिन फिर भी इसके लिए साफ नियम और कड़ी इंसानी निगरानी होनी बहुत जरूरी है। खासकर अदालतों और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में।