क्लाउड भाषा के आधार पर बदलता है जवाब देने का तरीका, एंथ्रोपिक के अध्ययन में खुलासा
एंथ्रोपिक के एक नए अध्ययन में सामने आया है कि क्लाउड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जवाब देने के तरीके में भाषा के आधार पर बदलाव आता है।
शोधकर्ताओं ने सॉनेट 4.6, ओपस 4.6, और ओपस 4.7 जैसे 3 मॉडल्स की 3.09 लाख से ज्यादा बातचीत का विश्लेषण किया।
उन्होंने पाया कि हिंदी और अरबी भाषाओं में क्लाउड के जवाब ज्यादा गरमजोशी वाले थे, जिनमें अक्सर चुटकुले और ढांढस बंधाने वाली बातें होती थीं, जबकि अंग्रेजी और रूसी में इसके जवाब ज्यादा तार्किक और सटीक लगे।
सबसे मिलनसार निकला सॉनेट 4.6
अध्ययन में जिन AI मॉडल्स का टेस्ट किया गया, उनमें सॉनेट 4.6 सबसे मिलनसार साबित हुआ। यह अक्सर यूजर्स को सुकून देता था और चुटकुले भी सुनाता था।
दूसरी तरफ, ओपस 4.7 का फोकस ज्यादातर तार्किक विश्लेषण और जोखिम का आकलन करने पर था, जिसकी वजह से यह ज्यादा गंभीर सुनाई दिया।
एंथ्रोपिक का कहना है कि ये नतीजे AI के जवाब देने के तरीकों में आए अंतर को दिखाते हैं, न कि उसके अलग-अलग विचारों को। इन नतीजों का इस्तेमाल भविष्य के AI को बेहतर और एक जैसा (कंसिस्टेंट) बनाने के लिए किया जा सकेगा।