एंथ्रोपिक के सह संस्थापक ने लूप इंजीनियरिंग को बताया AI का भविष्य
एंथ्रोपिक के सह संस्थापक और क्लाउड कोड को बनाने वाले बोरिस चेर्नी का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब इंसान द्वारा लिखे जाने वाले प्रॉम्प्ट्स से आगे निकल रहा है।
हाल ही में एक साक्षात्कार में उन्होंने 'लूप इंजीनियरिंग' नाम के एक नए कॉन्सेप्ट का परिचय दिया। इस तकनीक में AI एजेंट्स खुद ही अपने लिए निर्देश बनाते हैं और उन्हें समय-समय पर सुधारते रहते हैं, जिससे इंसानों को बहुत कम दखल देना पड़ता है।
एजेंट्स के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर दी चेतावनी
लूप इंजीनियरिंग की वजह से AI एजेंट्स अपना प्रॉम्प्ट खुद बनाकर ज्यादातर काम संभाल लेते हैं। `/गोल` जैसे कमांड AI को तब तक काम करने देते हैं, जब तक कि वह पूरा न हो जाए।
बोरिस चेर्नी ने इसे और साफ करते हुए कहा, "यह एक एजेंट है, जो क्लाउड को प्रॉम्प्ट देता है। अब मुझे प्रॉम्प्ट लिखने की जरूरत नहीं पड़ती। क्लाउड खुद प्रॉम्प्ट लिखता है और मैं अब उस नए क्लाउड से बात कर रहा हूं, जो पूरे काम को संभाल रहा है।"
जानकारों का मानना है कि यह तरीका काम को ज्यादा असरदार बना सकता है। हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि इससे लागत बढ़ सकती है क्योंकि एक साथ कई एजेंट्स को चलाने के लिए ज्यादा संसाधनों की जरूरत होती है।
फिर भी, कई लोगों का मानना है कि इस बदलाव से AI को कोडिंग और ऑटोमेशन के कामों को कम इंसानी मेहनत के साथ निपटाने में आसानी होगी।