अंगद प्रताप इस साल के अंत में होने वाली गगनयान परीक्षण उड़ान को लेकर उत्साहित
भारत के गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के लिए चुने गए 4 अंतरिक्ष यात्रियों में से एक ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप 2026 के आखिर में होने वाली मानवरहित टेस्ट उड़ान को लेकर बहुत उत्साहित हैं।
एक बड़े एयरोस्पेस कार्यक्रम में उन्होंने अपने एयर फोर्स टेस्ट पायलट के सफर की तुलना भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में सामने आ रही नई चुनौतियों से की।
उन्होंने यह भी बताया कि कैसे ये दोनों अनुभव उन्हें अंतरिक्ष यात्रा के लिए तैयार होने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
G1 मिशन मानव उड़ान टेक्नोलॉजी का परीक्षण करेगा
G1 मिशन का मुख्य मकसद उन नई टेक्नोलॉजी का परीक्षण करना है, जिनके जरिए इंसानों को सुरक्षित रूप से अंतरिक्ष में भेजा जा सकेगा।
प्रताप ने यह भी बताया कि मुश्किल इंजीनियरिंग की समस्याओं को सुलझाने और लागत को काबू में रखने के लिए दूसरे देशों के साथ मिलकर काम करना बहुत अहम होगा।
उन्होंने राकेश शर्मा की 1984 की ऐतिहासिक अंतरिक्ष उड़ान को भी याद किया और कहा कि तब से अब तक चीजें कितनी ज्यादा बेहतर हो गई हैं।
गगनयान के जरिए भारत का लक्ष्य उन चुनिंदा देशों में शामिल होना है, जो इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने की क्षमता रखते हैं। यह निश्चित तौर पर देश के लिए एक गर्व का पल होगा।