गर्भवती मां में खून की कमी से बच्चों का दिमाग रह जाता है 4 फीसदी छोटा, शोध में आए ये परिणाम
शोधकर्ताओं ने पाया है कि जिन माताओं में खून की कमी (एनीमिया) होती है, उनके बच्चों का दिमाग उन बच्चों के मुकाबले करीब 4 फीसदी छोटा होता है, जिनकी मां में खून की कमी नहीं थी।
किंग्स कॉलेज लंदन और यूनिवर्सिटी ऑफ केप टाउन के शोधकर्ताओं ने यह शोध किया है। इसके लिए उन्होंने 300 से ज्यादा मां-बच्चों की जोड़ियों पर नजर रखी। जन्म से लेकर 2 साल की उम्र तक उनके दिमाग के स्कैन किए गए।
दिमाग के अहम हिस्से को करता है प्रभावित
रिसर्च में सामने आया कि दिमाग के वो अहम हिस्से जो चलने-फिरने, सीखने और भावनाओं से जुड़े प्यूटामेन और कॉर्पस कैलोसम पर असर पड़ा था।
जैसे-जैसे बच्चे बड़े हुए दिमाग के आकार का यह अंतर और बढ़ता गया। इससे उनके भविष्य में दिमागी विकास से जुड़ी दिक्कतें होने की चिंता बढ़ गई है।
ज्यादातर आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया से दुनियाभर में एक-तिहाई से ज्यादा गर्भवती महिलाओं को प्रभावित करता है। रिसर्च की मुख्य लेखक जेसिका रिंगशॉ ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के बेहतर विकास के लिए खून की कमी का जल्द पता लगाना और आयरन सप्लीमेंट्स देना कितना जरूरी है।