एंड्रयू एनजी ने बताया कैसे काम करती है लूप इंजीनियरिंग तकनीक
गूगल ब्रेन के सह संस्थापक एंड्रयू एनजी ने 'लूप इंजीनियरिंग' के बारे में जानकारी दी है। यह सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का एक नया तरीका है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आगे बढ़कर कमान संभालता है।
बोरिस चेर्नी और पीटर स्टीनबर्गर ने सबसे पहले इसे मशहूर किया था। इस तरीके में 3 'फीडबैक लूप' इस्तेमाल किए जाते हैं, जिनकी मदद से AI खुद ही कोड लिखता है, उसे टेस्ट करता है और फिर और बेहतर बनाता है।
इंसानी निगरानी भी है जरूरी
इनमें पहला है 'एजेंटिक कोडिंग लूप', जहां AI कोडिंग का पूरा काम शुरू से अंत तक खुद ही संभालता है। फिर आता है 'डेवलपर फीडबैक लूप', जो इंसानों के रोल को बदल देता है।
अब वे सिर्फ कोड नहीं लिखेंगे, बल्कि डिजाइन और बड़े फैसलों में गाइड करेंगे और तीसरा है 'एक्सटर्नल फीडबैक लूप', जिसमें असली इस्तेमाल करने वालों की राय ली जाती है, ताकि उसमें सुधार और नए अपडेट किए जा सकें। एनजी का कहना है कि यहां भी लोग बहुत जरूरी हैं। लोग जरूरी संदर्भ और जानकारी देते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि यह तकनीक लोगों की असल जरूरतों को पूरा करे।