अमेरिका ने अटकाई ब्रिटेन की मिथोस मॉडल का साइबर सुरक्षा परीक्षण
ब्रिटेन के बैंक अब तक एंथ्रोपिक के मिथोस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल को साइबर सुरक्षा के लिए परखने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि कुछ सप्ताह पहले ही इसको लेकर चिंताएं सामने आई थीं।
यह देरी किसी तकनीकी दिक्कत की वजह से नहीं, बल्कि राजनीतिक कारणों से हो रही है। बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन इस मामले में जानबूझकर देरी कर रहा है, जबकि एंथ्रोपिक ने परीक्षण के लिए पहले ही सहमति दे दी थी।
सभी के मिलकर काम करने का किया आग्रह
बेली ने साफ किया कि इस देरी की वजह वह बहस है कि क्या मिथोस जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल सेना के कामों में किया जा सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि साइबर जोखिम आपस में इतनी गहराई से जुड़े हुए हैं कि कोई भी देश अकेला इनसे निपट नहीं सकता।
उन्होंने कहा, "साइबर हमलों के खतरे इतने बड़े होते हैं कि हम सिर्फ एक देश की नीति पर निर्भर नहीं रह सकते।" चेतावनी देते हुए कहा, "अगर, किसी को लगता है कि मैंने अपने बैंकों का मामला संभाल लिया है, बस इतना ही काफी है, तो मुझे डर है कि यह तरीका काम नहीं करेगा। क्योंकि आज के समय में सब कुछ एक-दूसरे से बहुत गहराई से जुड़ा हुआ है।"
गवर्नर ने जोर दिया कि बैंक पहले से कहीं ज्यादा जुड़े हुए हैं, ऐसे में आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता पूरी दुनिया का मिलकर काम करना ही है।