अमेरिका ने लॉन्च किए सुरक्षित और चलते-फिरते स्मॉल मॉडुलर रिएक्टर
अमेरिका ने अब स्मॉल मॉडुलर रिएक्टर (SMR) तैनात करना शुरू कर दिया है, जिसे न्यूक्लियर तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
4 जून को एंटीयर्स ने इडाहो नेशनल लेबोरेटरी में पहला नया रिएक्टर चालू किया। यह रिएक्टर पिछले लगभग 50 सालों में स्थापित होने वाला अपनी तरह का पहला है।
वैलार एटोमिक्स ने 18 जून को यूटा में ऐसी ही एक बड़ी उपलब्धि हासिल की, वहीं 4 जुलाई तक एलो एटोमिक्स भी इस कड़ी में शामिल होने जा रहा है, जो अमेरिका की 250वीं सालगिरह के मौके पर होगा।
कहीं भी ले जाए जा सकते हैं SMR
SMR को सुरक्षित, लचीली और सस्ती ऊर्जा देने के मकसद से तैयार किया गया है। इनकी जरूरत ऐसे समय में और बढ़ जाती है, जब दुनियाभर में ऊर्जा की मांग तेजी से बढ़ रही है।
ये रिएक्टर चेरनोबिल जैसी पिछली परमाणु आपदाओं से जुड़े जोखिमों को काफी हद तक कम करते हैं। इन्हें तेजी से बनाया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर सैन्य ठिकानों से लेकर डाटा सेंटर तक कहीं भी ले जाया जा सकता है।
इनके पीछे दशकों का अनुभव है और इसी के आधार पर अमेरिका उम्मीद कर रहा है कि इस दशक के आखिर तक सैकड़ों SMR काम करने लगेंगे। इससे उसे चीन जैसे देशों से आगे निकलने और इस तेजी से बढ़ते क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका बनाने में मदद मिलेगी।