अलीबाबा ने रोबोट के लिए नया AI मॉडल 'रिनब्रेन' किया लॉन्च, क्या करेगा यह काम?
क्या है खबर?
अलीबाबा ने एक नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल पेश किया है, जिसे खासतौर पर रोबोट को चलाने और समझदार बनाने के लिए तैयार किया गया है। इस मॉडल का नाम 'रिनब्रेन' रखा गया है। कंपनी का कहना है कि इससे रोबोट अपने आसपास की चीजों को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे। बड़ी टेक कंपनियां अब AI को सिर्फ स्क्रीन तक सीमित नहीं रखना चाहतीं, बल्कि उसे असली दुनिया में इस्तेमाल करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
काम
रिनब्रेन क्या करता है और कैसे काम करता है?
रिनब्रेन मॉडल को अलीबाबा की रिसर्च यूनिट डैमों अकादमी ने तैयार किया है। यह रोबोट को चीजों को पहचानने, जगह को समझने और सही तरीके से प्रतिक्रिया देने में मदद करता है। एक डेमो वीडियो में रोबोट को फल पहचानकर टोकरी में रखते हुए दिखाया गया। यह काम दिखने में आसान है, लेकिन इसके पीछे देखने, सोचने और हाथ-पैर चलाने की जटिल तकनीक काम करती है, जो असली माहौल में रोबोट के लिए जरूरी होती है।
वैश्विक दौड़
फिजिकल AI में तेज होती वैश्विक दौड़
रोबोटिक्स को अब फिजिकल AI का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें सेल्फ ड्राइविंग कार और इंडस्ट्रियल मशीनें भी शामिल हैं। चीन ने इस क्षेत्र को रणनीतिक प्राथमिकता दी है। वहीं अमेरिका की कंपनियां भी पीछे नहीं हैं। एनवीडिया, गूगल डीपमाइंड और टेस्ला जैसी कंपनियां रोबोटिक्स में भारी निवेश कर रही हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले वर्षों में यह सेक्टर बेहद तेजी से बढ़ सकता है।
रणनीति
ओपन सोर्स रणनीति और चीन की बढ़त
अलीबाबा ने रिनब्रेन को ओपन सोर्स रखने का फैसला किया है, ताकि डेवलपर्स इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकें। यह कंपनी की पुरानी रणनीति रही है। चीन को ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स में पहले से मजबूत माना जाता है, क्योंकि वहां बड़े पैमाने पर निर्माण की क्षमता है। बेहतर AI मॉडल और मैन्युफैक्चरिंग ताकत मिलकर चीन को रोबोट तैनाती में आगे ले जा सकती है, जिससे वैश्विक टेक संतुलन बदल सकता है।