रोजमर्रा की जिंदगी में AI को बनाएं अपना 'दूसरा दिमाग', मेटा अधिकारी ने दी सलाह
टेक्नोलॉजी
मेटा AI के प्रमुख अलेक्जेंडर वेंग युवाओं से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में 'दूसरे दिमाग' की तरह अपनाने की अपील कर रहे हैं।
उनका कहना है कि ये टूल सोच को व्यवस्थित करने और विचारों को काम में बदलने में मददगार हो सकते हैं। वेंग खुद भी मेटा के म्यूज AI का उपयोग करते हैं।
वे बताते हैं, "मैंने बहुत से वर्कफ्लो सेट किए और इसे एक दूसरे दिमाग की तरह इस्तेमाल किया, जिससे बड़े लक्ष्यों को पूरा करना और सपनों को हकीकत बनाना ज्यादा आसान हो गया।"
मेटा बना रहा है पर्सनल AI एजेंट
वेंग ने बताया कि मेटा पर्सनल AI एजेंट बनाने पर जोर दे रहा है। ये केवल कोडिंग में हाथ बटाने वाले नहीं होंगे, बल्कि ऐसे स्मार्ट असिस्टेंट होंगे, जो रोजमर्रा के कामों को संभालने और यूजर्स को उनके लक्ष्य पूरे करने में सहयोग देने के लिए तैयार किए गए हैं।