जैविक खतरों के बाद मेटा म्यूज स्पार्क को रखेगा क्लोज-सोर्स
मेटा के मुख्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अधिकारी अलेक्जेंड्र वांग ने बताया है कि कंपनी ने अपनी AI रणनीति में बदलाव किया है।
अप्रैल में लॉन्च हुआ उसका म्यूज स्पार्क मॉडल अब क्लोज-सोर्स ही रखा जाएगा। दरअसल, कई सुरक्षा परीक्षणों में इस मॉडल में जैविक जोखिम और दूसरी सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आई थीं।
दिग्गज टेक पहले ओपन-सोर्स AI पर जोर देती थी, लेकिन कंपनी का यह फैसला उस पुरानी सोच से बिल्कुल अलग है।
कोडिंग से जुड़े कामों में क्लाउड से पीछे
कोडिंग से जुड़े कामों में म्यूज स्पार्क अपने प्रतिद्वंद्वी एंथ्रोपिक के क्लाउड से पीछे है। हालांकि, विजुअल चीजों में इसका प्रदर्शन अच्छा है। सूत्रों का कहना है कि म्यूज स्पार्क, लामा 4 के कोड और डाटासेट पर काफी हद तक निर्भर है।
यह उस दावे के ठीक उलट है, जिसमें कहा गया था कि इसे शुरुआत से बनाया गया था, वहीं मेटा अभी भी अपनी कमाई के लिए लगभग पूरी तरह से विज्ञापन पर ही निर्भर है। 2025 में इसकी आय का 97.6 फीसदी हिस्सा विज्ञापन से ही आएगा, लेकिन अब कंपनी इंस्टाग्राम, फेसबुक, व्हाट्सऐप और अपने AI चैटबॉट पर सब्सक्रिप्शन मॉडल आजमा रही है, ताकि भविष्य के लिए कमाई के नए रास्ते खोले जा सकें।