अजय चौधरी ने भारत के क्वांटम कंप्यूटर की सुरक्षा में चूकने का जताया अंदेशा
भारत ने 2028 तक देश के महत्वपूर्ण सिस्टम्स को 'क्वांटम-सेफ' बनाने की बड़ी योजना बनाई है। इसका मकसद है कि भविष्य में बेहद ताकतवर क्वांटम कंप्यूटर का इस्तेमाल करने वाले हैकर्स इन्हें भेद न सकें।
HCL टेक के सह संस्थापक और इस मिशन के बोर्ड के अध्यक्ष अजय चौधरी को इस बात पर भरोसा नहीं है कि देश समय पर इस लक्ष्य को हासिल कर पाएगा।
उनका कहना है कि इस दिशा में अभी उतनी गंभीरता या तेजी नहीं दिखाई जा रही, जबकि खतरे तेजी से बढ़ रहे हैं।
चौधरी ने खतरे को लेकर किया आगाह
चौधरी बताते हैं कि पहले लोग मानते थे कि क्वांटम कंप्यूटर अभी 10 साल दूर की बात है, लेकिन अब यह सोच बदल गई है। हैकर्स जल्द ही आज के एन्क्रिप्शन को तोड़ सकते हैं।
इसके अलावा, वे अभी से डाटा चुराकर रख सकते हैं, ताकि बाद में जब क्वांटम कंप्यूटर उपलब्ध हों तो उन्हें डिक्रिप्ट कर सकें। भारत ने घरेलू प्रोजेक्ट्स में कुछ तरक्की जरूर की है, जैसे QNU लैब्स का 1,000 किलोमीटर का सुरक्षित नेटवर्क और इस साल आने वाला QPIAI का 64-क्विबिट कंप्यूटर। फिर भी, चौधरी आगाह करते हैं कि अगर, हम अपनी गति नहीं बढ़ाते और विदेशी तकनीक पर अपनी निर्भरता कम नहीं करते तो भारत अपनी सुरक्षा का यह लक्ष्य हासिल करने से चूक सकता है।