एंथ्रोपिक के मिथोस AI से बढ़ी चिंता, एयरटेल ने बढ़ाई साइबर सुरक्षा तैयारी
क्या है खबर?
एंथ्रोपिक के एडवांस्ड AI मॉडल मिथोस को लेकर दुनियाभर में साइबर सुरक्षा की चिंता बढ़ रही है। इसी बीच भारती एयरटेल ने भी इस संभावित खतरे को गंभीरता से लिया है और तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी अपने ग्लोबल पार्टनर्स के साथ मिलकर जोखिमों का आकलन कर रही है। एयरटेल का मानना है कि ऐसे नए AI सिस्टम भविष्य में सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकते हैं, इसलिए पहले से तैयार रहना जरूरी है।
काम
वेंडर्स के साथ मिलकर हो रहा काम
एयरटेल के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) रणदीप सेखों ने बताया कि कंपनी अपने सप्लायर्स और टेक्नोलॉजी पार्टनर्स के साथ लगातार संपर्क में है और हर स्तर पर समन्वय बनाए हुए है। AI सिस्टम नई कमजोरियों को तेजी से पहचान सकते हैं, इसलिए उन्हें समय पर ठीक करना जरूरी है। टेलीकॉम नेटवर्क कई कंपनियों के सॉफ्टवेयर पर निर्भर होते हैं, इसलिए वेंडर्स के साथ बेहतर तालमेल बनाना इस समय सबसे अहम और जरूरी कदम माना जा रहा है।
सतर्कता
तुरंत खतरा नहीं, लेकिन सतर्कता जरूरी
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि अभी कोई बड़ा तत्काल खतरा नहीं है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। ज्यादातर समस्याएं छोटे सॉफ्टवेयर बग से जुड़ी होती हैं, जो पहले नजर में नहीं आते थे, लेकिन अब AI की मदद से इन्हें जल्दी और सटीक तरीके से पकड़ा जा सकता है। इसी कारण कंपनियां अब पहले से ज्यादा सतर्क हो गई हैं और अपने सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही हैं।
अन्य
पूरे सेक्टर में बढ़ी हलचल
इस मुद्दे को लेकर टेलीकॉम और टेक इंडस्ट्री में गतिविधियां तेज हो गई हैं और कंपनियां सतर्क नजर आ रही हैं। कंपनियां एरिक्सन, नोकिया और सिस्को जैसे वेंडर्स के साथ मिलकर सुरक्षा मजबूत करने पर काम कर रही हैं। वहीं सरकार भी इस मामले पर नजर बनाए हुए है और जरूरी कदम उठा रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI भविष्य में साइबर सुरक्षा के तरीके बदल सकता है, इसलिए कंपनियों को तेज अपडेट के साथ आगे बढ़ना होगा।