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AI के कारण 5 साल में खत्म हो जाएंगी ये नौकरियां, विनोद खोसला ने दी चेतावनी
AI के कारण खत्म हो जाएंगी ये नौकरियां

AI के कारण 5 साल में खत्म हो जाएंगी ये नौकरियां, विनोद खोसला ने दी चेतावनी

Feb 16, 2026
02:25 pm

क्या है खबर?

अरबपति विनोद खोसला ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के कारण भविष्य में होने वाले बदलाव को लेकर चेतावनी दी है। हिंदुस्तान टाइम्स के साथ के साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि अगले पांच सालों में IT सर्विस और BPO जैसे सेक्टर लगभग पूरी तरह खत्म हो सकते हैं। उनके मुताबिक, आने वाले 10-15 वर्षों में ज्यादातर एक्सपर्ट आधारित पेशे AI के कारण बदल जाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि AI से अर्थव्यवस्था की उत्पादकता तेजी से बढ़ सकती है।

असर

विशेषज्ञ नौकरियों पर असर

खोसला का मानना है कि भविष्य में अकाउंटिंग, मेडिकल, कानूनी सलाह और डिजाइन जैसे काम AI बेहतर तरीके से कर सकेगा। शुरुआत में AI इंसानों के सहायक के रूप में काम करेगा, लेकिन बाद में वह कई क्षेत्रों में मुख्य भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि रोबोटिक्स की अगली लहर मैनुअल काम को सस्ता और आसान बना देगी। इससे नौकरियों पर बड़ा असर पड़ेगा और पारंपरिक रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं।

खतरा

भारत के लिए खतरा और अवसर

उन्होंने कहा कि भारत को केवल पारंपरिक IT सेवाओं पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। खोसला के अनुसार, भारत के युवाओं को AI आधारित प्रोडक्ट और सेवाएं बनाने पर ध्यान देना चाहिए। उनका दावा है कि अगले कुछ वर्षों में IT और BPO सेवाएं लगभग गायब हो सकती हैं। हालांकि, AI स्वास्थ्य, शिक्षा और कानूनी सेवाओं को सस्ता और सबके लिए उपलब्ध भी बना सकता है, जिससे आम लोगों को फायदा होगा।

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राय

अमेरिका-चीन और इमिग्रेशन पर राय

खोसला ने माना कि AI की दौड़ में अमेरिका और चीन आगे हैं, लेकिन भारत के पास भी पर्याप्त प्रतिभा है। उन्होंने सॉवरेन AI मॉडल की जरूरत पर जोर दिया। इसके साथ ही अमेरिकी इमिग्रेशन नीतियों, खासकर H1B वीजा पर सख्ती की आलोचना की है। उनका कहना है कि लीगल इमिग्रेशन से इनोवेशन बढ़ता है और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है, जबकि रोक लगाने से लंबी अवधि में नुकसान हो सकता है।

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