AI से मिल रहे हैं मानसिक सेहत के लिए खास और नए समाधान
क्या है खबर?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की नई खोजें मानसिक सेहत के लिए दी जाने वाली मदद में बड़ा बदलाव ला रही हैं। यह आपके मूड, आदतों और लक्ष्यों के हिसाब से खुद को ढालकर खास मदद देती है। टूल बातचीत करने वाले AI को लक्षणों पर नजर रखने को और कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT), एक्सेप्टेंस एंड कमिटमेंट थेरेपी (ACT) जैसे शोध पर आधारित तरीकों को एक साथ जोड़ते हैं। आइए जानते हैं AI मानिसक सेहत के लिए खास समाधान कैसे देता है।
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भावनात्मक मदद के लिए AI चैटबॉट
मानसिक सेहत के लिए बने AI चैटबॉट सातों दिन भावनात्मक सहारा देते हैं। ये ऐसे सवाल पूछते हैं, जो आपको सोचने पर मजबूर करते हैं, डायरी लिखने में सहायता करते हैं और सलाह भी देते हैं। वोएबॉट और वायसा जैसे टूल इस्तेमाल करने वाले की जानकारी या बातों के हिसाब से बातचीत को ढाल लेते हैं। कुछ चैटबॉट वैज्ञानिक सबूतों पर आधारित कसरतों या अभ्यासों पर जोर देते हैं, जबकि कुछ बातचीत के जरिए दोस्ती का अहसास कराते हैं।
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डाटा पर आधारित खास मदद
डाटा पर आधारित खास मदद का मतलब है, आपके मूड पर नजर रखना और आपके व्यवहार के पैटर्न को पहचानना, ताकि आपको बेहतर अनुभव मिल सके। ऐप्स इस बात का विश्लेषण करती हैं कि आपने कितनी बार अपनी स्थिति बताई, आपकी नींद का पैटर्न कैसा है, तनाव का स्तर क्या है या डायरी लिखने की आदतें कैसी हैं। इसी जानकारी के आधार पर वे आपको सही अभ्यास और तनाव या मुश्किलों से निपटने के तरीके सुझाती हैं।
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मानसिक सेहत के लिए कुछ उपयोगी टूल
मानसिक सेहत के क्षेत्र में वोएबॉट बातचीत के जरिए CBT पर आधारित मदद देता है, जबकि वायसा चैटबॉट के जरिए डायरी लिखने में मदद करता है। फ्लोरियस सकारात्मक मनोविज्ञान का इस्तेमाल करके अच्छी सेहत की कोचिंग देता है। हेडस्पेस Ebb खास तौर पर आपके लिए मेडिटेशन देता है। एश थेरेपी के अंदाज में लगातार भावनात्मक मदद देता है। लिवेंन आपके मूड के पैटर्न पर नजर रखता है, जिससे डायरी लिखने से मिली जानकारी को सही ढंग से समझा जा सके।
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मानसिक सेहत में AI के क्लिनिकल इस्तेमाल
पेशेवर माहौल में AI का इस्तेमाल मरीजों को छांटने, उन पर लगातार नजर रखने और उनके इलाज के तरीके को खास बनाने के लिए किया जाता है। जहां ये टूल आमतौर पर खुद का ध्यान रखने और लक्षणों पर नजर रखने में मदद करते हैं, वहीं क्लिनिकल प्लेटफॉर्म AI का इस्तेमाल करके लोगों को उनके लिए सही इलाज के विकल्पों से जोड़ते हैं। भले ही ये टूल काफी मददगार हों, लेकिन ये पेशेवर इलाज की जगह नहीं ले सकते।