AI की वजह से 2026 के अंत तक दोगुनी होंगी सॉफ्टवेयर कमजोरियां
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब इतनी तेजी से सॉफ्टवेयर बग्स और सुरक्षा कमजोरियां ढूंढ रहा है कि संगठन पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल में पड़ गए हैं।
दरअसल, अब शोधकर्ता इन कमजोरियों को पहले के मुकाबले कहीं जल्दी पहचान लेते हैं और हैकर्स भी इनका फायदा पहले से कहीं ज्यादा तेजी से उठा सकते हैं।
सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि इन समस्याओं को ठीक करने में अब भी समय लगता है, जिसकी वजह से एक बड़ा गैप बन गया है और कंपनियां खतरे में बनी रहती हैं।
सुरक्षा टीमों को रहना होगा अलर्ट
अनुमान है कि 2026 के अंत तक हर साल सामने आने वाली नई सुरक्षा कमजोरियों की संख्या AI की वजह से लगभग दोगुनी हो सकती है। इनकी गंभीरता अब भी काफी ज्यादा है, अगस्त में औसत CVSS 7.19 तक पहुंच गया।
कुछ कमजोरियों का फायदा तो सार्वजनिक होने के चंद घंटों के भीतर ही उठाया जा सकता है। इसका सीधा मतलब यह है कि सुरक्षा टीमों को लगातार अलर्ट रहना होगा और अपनी सुरक्षा को अपडेट करते रहना होगा, ताकि वे इस रफ्तार से तालमेल बिठा सकें।