AI की बढ़ती रफ्तार के चलते फिनटेक कंपनियों की कंप्यूट लागत में बढ़ोतरी
वर्तमान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का चलन बहुत बढ़ गया है और पेटीएम, ग्रो और PB फिनटेक जैसी भारतीय फिनटेक कंपनियों को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। इनके तकनीकी खर्च में भारी उछाल आया है।
पिछली तिमाही में पेटीएम का सॉफ्टवेयर, क्लाउड और डाटा सेंटर का खर्च 59 फीसदी बढ़कर 211 करोड़ रुपये हो गया, वहीं ग्रो और PB फिनटेक में भी इसी तरह का उछाल देखने को मिला है। AI की इस ताकत का इस्तेमाल करना सस्ता साबित नहीं हो रहा है।
कंपनियां ऐसे कम कर रहीं काम का बोझ
इस बढ़ते खर्च को संभालने के लिए कंपनियां नए तरीके अपना रही हैं। वे अपने हार्डवेयर की लाइफ बढ़ा रही हैं और वर्कलोड को इस तरह ठीक कर रही हैं, ताकि काम ज्यादा कुशल तरीके से हो सके।
फोनपे के सह संस्थापक राहुल चारी का कहना है कि असल में AI को चलाने के लिए जो भारी कंप्यूटिंग पावर चाहिए, वही लागत को बढ़ा रही है।
दूसरी तरफ, जेरोधा के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO) कैलाश नाध का कहना है कि खर्च को कंट्रोल में रखने के लिए 'लीन इंजीनियरिंग' पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।