ब्रेस्ट कैंसर जांच में AI कारगर, देर से पता चलने की दर 12 प्रतिशत घटी
क्या है खबर?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग से ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में एक बड़ी सफलता मिली है। एक नए अध्ययन के अनुसार, AI तकनीक के इस्तेमाल से कैंसर का देर से पता चलने का खतरा कम हुआ है। शोध में सामने आया कि AI आधारित स्क्रीनिंग से आने वाले वर्षों में कैंसर की पहचान में लगभग 12 प्रतिशत की कमी आई और बीमारी को शुरुआती चरण में पकड़ने की संभावना बढ़ गई है, जिससे इलाज आसान हो सकता है।
अध्ययन
कैसे किया गया यह बड़ा अध्ययन?
यह अध्ययन अब तक ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग में AI के उपयोग पर किया गया सबसे बड़ा ट्रायल माना जा रहा है। इसमें स्वीडन की लगभग 1 लाख महिलाओं को शामिल किया गया था। इन महिलाओं की मैमोग्राफी जांच कराई गई और उन्हें दो समूहों में बांटा गया। एक समूह की जांच पारंपरिक तरीके से हुई, जबकि दूसरे समूह में AI की मदद से स्क्रीनिंग की गई और रेडियोलॉजिस्ट को संदिग्ध मामलों में सहायता मिली।
फायदा
AI से क्या फायदा सामने आया?
अध्ययन में पाया गया कि AI की मदद से स्क्रीनिंग कराने वाली महिलाओं में कैंसर का पता ज्यादा जल्दी चला। AI ग्रुप में लगभग 81 प्रतिशत मामलों में कैंसर स्क्रीनिंग के समय ही पकड़ लिया गया, जबकि सामान्य जांच में यह आंकड़ा करीब 74 प्रतिशत था। इसके अलावा, AI से जांच कराने वाले समूह में गंभीर और तेजी से फैलने वाले कैंसर के मामले भी कम पाए गए, जो मरीजों के लिए राहत की बात है।
भविष्य
सावधानी और भविष्य की जरूरत
विशेषज्ञों ने साफ किया है कि AI डॉक्टरों की जगह नहीं ले सकता है। मैमोग्राफी पढ़ने के लिए अब भी रेडियोलॉजिस्ट की जरूरत रहेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि AI एक सहायक टूल है, जो डॉक्टरों का काम आसान बना सकता है। इसे बड़े स्तर पर अपनाने से पहले अलग-अलग देशों और परिस्थितियों में और शोध जरूरी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि AI से मरीजों को फायदा ही हो।