AI ऐप्स यूजर्स को लंबे समय तक बनाए रखने में नाकाम, रिपोर्ट में किया दावा
क्या है खबर?
ऐप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक को जोड़कर डेवलपर्स पारंपरिक ऐप्स की तुलना में तेजी से कमाई कर रहे हैं, लेकिन वे यूजर्स को बनाए रखने में असमर्थ हैं। रेवेन्यूकैट के नए आंकड़ों से पता चलता है कि AI सुविधाओं से शुरुआती कमाई तो प्रभावशाली होती है, लेकिन यूजर्स को बनाए रखने की दर कम होती है। ये ऐप्स लोगों को भुगतान करने के लिए तो प्रेरित कर सकते हैं, लेकिन शुरुआती आकर्षण के बाद स्थायी नहीं रह पाते।
सब्सक्रिप्शन
तेजी से रद्द हो रहे सब्सक्रिप्शन
रेवेन्यूकैट ने अपनी 2026 स्टेट ऑफ सब्सक्रिप्शन ऐप्स रिपोर्ट में कहा है कि AI का एकीकरण लंबे समय तक ग्राहक को बनाए रखने की गारंटी नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, लोग अपना वार्षिक सब्सक्रिप्शन रद्द कर रहे हैं, जो गैर-AI ऐप्स की तुलना में औसतन 30 फीसदी तेजी से हो रहा है। यह रिपोर्ट उन सब्सक्रिप्शन ऐप प्रदाताओं के विश्लेषण पर आधारित है, जो रेवेन्यूकैट के टूल्स का उपयोग करके 1 अरब से अधिक इन-ऐप लेनदेन का प्रबंधन करते हैं।
भागीदारी
4 में से 1 ऐप में मिलती है AI तकनीक
कई रोचक निष्कर्षों में से एक यह भी था कि कंपनी के प्लेटफॉर्म का उपयोग करने वाले अधिकांश ऐप्स अभी तक AI तकनीक नहीं जोड़ी गई है। सभी श्रेणियों में AI-संचालित ऐप्स का हिस्सा 27.1 फीसदी है, जबकि गैर-AI ऐप्स का हिस्सा 72.9 फीसदी है। फोटो और वीडियो ऐप्स में इस तकनीक का सबसे बड़ा हिस्सा (61.4 फीसदी) है, जबकि गेमिंग में सबसे छोटा हिस्सा (6.2 फीसदी) है। यात्रा (12.3 फीसदी) और व्यवसाय (19.1 फीसदी) में भी उपयोग कम है।