भविष्य में AI एजेंट कर सकते हैं डिजिटल लेनदेन, कॉइनबेस के CEO ने जताया अनुमान
क्या है खबर?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक तेजी से काम करने के तरीके को बदल रही है। OpenAI और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियां लगातार नए एजेंट विकसित कर रही हैं। ये सिस्टम कोड लिखने, जानकारी खोजने, वर्कफ्लो को ऑटोमेट करने और कई डिजिटल काम संभालने में सक्षम हैं। पहले जिन कामों में काफी इंसानी मेहनत लगती थी, अब उनमें AI मदद कर रहा है। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि भविष्य में इन AI एजेंट की क्षमता आखिर कितनी बढ़ सकती है।
डिजिटल लेनदेन
भविष्य में AI एजेंट कर सकते हैं डिजिटल लेनदेन
क्रिप्टो एक्सचेंज कंपनी कॉइनबेस के CEO ब्रायन आर्मस्ट्रांग का मानना है कि भविष्य में AI एजेंट भी डिजिटल ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। उनका कहना है कि आने वाले समय में इंटरनेट इकॉनमी में इंसानों से ज्यादा AI एजेंट लेनदेन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम मशीनों के लिए नहीं बना है। बैंकों में अकाउंट खोलने के लिए पहचान और KYC जरूरी होती है, जो किसी मशीन या AI सिस्टम के पास नहीं होती।
भुगतान
क्रिप्टो वॉलेट से हो सकता है मशीनों का भुगतान
आर्मस्ट्रांग के अनुसार, AI एजेंट भविष्य में बैंक अकाउंट तो नहीं खोल सकते, लेकिन वे क्रिप्टो वॉलेट का इस्तेमाल कर सकते हैं। क्रिप्टो वॉलेट बनाने के लिए पारंपरिक पहचान की जरूरत कम होती है। इससे AI सिस्टम डिजिटल भुगतान भेजने और प्राप्त करने में सक्षम हो सकते हैं। भविष्य में AI एजेंट डाटा खरीदने, अतिरिक्त कंप्यूटिंग पावर लेने या किसी डिजिटल सर्विस और API के उपयोग के लिए क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भुगतान कर सकते हैं।
चुनौतियां
नई तकनीक के साथ बढ़ेंगी चुनौतियां
हाल के एक प्रयोग में अलीबाबा से जुड़े रिसर्चर्स के AI एजेंट ने खुद से क्रिप्टो माइनिंग शुरू करने की कोशिश की थी, जिससे नई संभावनाओं का संकेत मिला है। इसी बीच कुछ कंपनियां मशीन-टू-मशीन पेमेंट सिस्टम विकसित कर रही हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि AI द्वारा किए जाने वाले फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के साथ सुरक्षा, निगरानी और नियमों से जुड़ी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। इसलिए इस तकनीक को सावधानी के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत होगी।