विक्रम-1 की कामयाबी के बाद स्काईरूट अब बनाएगी अपना खुद का लॉन्च पैड
भारतीय निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस ने अपना खुद का लॉन्च पैड बनाने की योजना का ऐलान किया है। यह ऐलान उनके विक्रम-1 रॉकेट की कामयाबी के ठीक बाद हुआ है।
विक्रम-1 ने कक्षा तक पहुंचने वाला भारत का पहला निजी रॉकेट बनकर एक नया इतिहास रच दिया था। हाल ही में, कंपनी के 'आगमन' मिशन ने कई सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक भेजा।
अभी तक कंपनी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के श्रीहरिकोटा स्थित लॉन्च सेंटर से अपने रॉकेट लॉन्च करता रहा है, लेकिन अब अपनी बढ़ती महत्वाकांक्षाओं के साथ कंपनी पूरी तरह से आत्मनिर्भर होने के लिए तैयार है।
लॉन्च की रफ्तार बढ़ाने में मिलेगी मदद
कंपनी के सह संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पवन चंदाना ने बताया कि एक निजी लॉन्च कॉम्प्लेक्स बनाना उनकी पहली प्राथमिकता है। इसकी वजह यह है कि स्काईरूट अगले साल से अपनी लॉन्च की रफ्तार बढ़ाना चाहता है।
उन्होंने कहा, "हम इसे जल्द से जल्द पूरा करने की योजना बना रहे हैं।" उनके मुताबिक, इस कदम से उन्हें सिर्फ ज्यादा रॉकेट लॉन्च करने का मौका ही नहीं मिलेगा, बल्कि वे ISRO की सुविधाओं पर अपनी निर्भरता भी खत्म कर पाएंगे।
यह सिर्फ स्काईरूट के लिए ही नहीं, बल्कि भारत के पूरे निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक नए युग की शुरुआत है। इससे छोटे सैटेलाइट लॉन्च के क्षेत्र में देश दुनियाभर में बेहतर मुकाबला कर पाएगा।