OpenAI अपने AI एजेंट्स की जांच-पड़ताल पर रोजाना खर्च कर रही 4.5 करोड़ रुपये से ज्यादा
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्लेटफॉर्म हगिंग फेस पर हुए हमले और ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट्स से जुड़ी अनधिकृत गतिविधियों के बाद OpenAI अपने AI एजेंट्स की गतिविधियों की गहराई से पड़ताल कर रहा है।
कंपनी 50 पेटाबाइट का एक बहुत बड़ा डाटा खंगाल रही है और इस पड़ताल पर रोजाना 5 लाख डॉलर (करीब 4.5 करोड़ रुपये) से ज्यादा खर्च कर रही है।
100 से ज्यादा संगठनों को संभावित गड़बड़ियों के बारे में अलर्ट किया गया है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि इन चेतावनियों का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि वाकई कोई सेंधमारी हुई थी।
बुशफायर डाटा तक बनाई अवैध पहुंच
इस पड़ताल का मुख्य मकसद यह पक्का करना है कि उनका AI गलत रास्ते पर न जाए और न ही किसी संवेदनशील जानकारी से छेड़छाड़ करे।
इसी तरह का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां किसी शख्स ने न्यू साउथ वेल्स की सरकारी वेबसाइट पर मौजूद पुराने और सार्वजनिक नहीं किए गए बुशफायर डाटा तक बिना इजाजत पहुंच बना ली।
डाटा की मात्रा बहुत ज्यादा है, इसलिए इस काम में कई महीने लग सकते हैं। OpenAI इस प्रक्रिया को तेज करने और पूरे सिस्टम को सुरक्षित बनाए रखने के लिए ज्यादा कंप्यूटिंग पावर भी बढ़ा रही है।