नासा के वैज्ञानिकों ने खोजा पृथ्वी के पास छिपा धूमकेतु
हाल ही में यह सामने आया है कि 1998 SH2 कोई साधारण एस्ट्रोयड नहीं, बल्कि एक सक्रिय धूमकेतु (कॉमेट) है। यह अगस्त, 2025 में पृथ्वी के करीब से गुजरा था और इसकी दूरी लगभग 30 लाख किलोमीटर थी।
नासा के वैज्ञानिकों ने गौर किया कि इसका रास्ता कुछ ऐसा था, जिसे सिर्फ गुरुत्वाकर्षण के नियमों से नहीं समझाया जा सकता था।
इसी वजह से उन्होंने अपने डीप स्पेस नेटवर्क रडार का इस्तेमाल करके इसकी और गहराई से जांच की।
गैस के धक्कों के कारण बदला रास्ता
दरअसल, सूरज की रोशनी जैसे ही धूमकेतु के बर्फीले अंदरूनी हिस्से को गर्म करती थी, अंदर से गैसें बाहर निकलने लगती थीं। ये गैसें धूमकेतु को छोटे-छोटे धक्के देती थीं, जिससे उसका रास्ता बदल जाता था। दूसरे ज्यादातर एस्ट्रोयड्स के मुकाबले, जिनकी एक चमकीली पूंछ होती है, इसमें कोई खास निशान नहीं दिखे। इसी वजह से इसे पहले पहचान पाना बहुत मुश्किल था।
अब इसका नाम P/1998 SH2 रखा गया है और इसकी मदद से वैज्ञानिक ऐसे 'डार्क कॉमेट्स' के बारे में और ज्यादा जान पा रहे हैं, जो सामने होते हुए भी आसानी से नजर नहीं आते।