इंस्टाग्राम के बच्चों से जुड़े सुरक्षा उपायों पर उठे सवाल
इंस्टाग्राम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एडम मोसेरी ने एक बड़े फेडरल मुकदमे में गवाही दी है। इस मुकदमे में 29 अमेरिकी राज्य मेटा पर आरोप लगा रहे हैं कि कंपनी ने ऐसे प्लेटफॉर्म तैयार किए हैं, जो किशोरों के लिए सुरक्षित नहीं हैं।
साथ ही, बच्चों के डाटा को भी ठीक से नहीं संभाला है। मुकदमे में एक अहम सवाल यह भी उठा कि मेटा ने यह बात क्यों नहीं बताई कि इंस्टाग्राम की 'टेक ए ब्रेक' सुविधा का इस्तेमाल केवल 1.8 फीसदी किशोरों ने ही किया था। दरअसल, यह सुविधा इसलिए बनी थी, ताकि युवा लगातार स्क्रॉलिंग करने से बच सकें।
मोसेरी ने स्वीकार की यह बात
मोसेरी ने इस बात को माना कि किशोर इस सुविधा का बहुत कम इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा, "हम हर एक आंकड़े को सार्वजनिक नहीं करते।" इस मामले में मेटा पर बहुत बड़ा दांव लगा है। कंपनी को 200 अरब डॉलर (करीब 19,000 अरब रुपये) तक का भारी हर्जाना भरना पड़ सकता है और उसे अपने ऐप्स को नए सिरे से डिजाइन करने के लिए भी मजबूर किया जा सकता है। एक पूर्व सुरक्षा इंजीनियर ने तो यहां तक दावा किया कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर मेटा का रवैया 'डोंट आस्क, डोंट टेल' जैसा था।
इस मामले में एक मनोवैज्ञानिक भी गवाह के रूप में पेश हुए। यह मुकदमा सितंबर महीने तक चलेगा और इसके नतीजों से यह तय हो सकता है कि सोशल मीडिया कंपनियां नाबालिगों की सुरक्षा कैसे करती हैं।