कैंसर के इलाज के समय को लेकर वैज्ञानिकों ने किया चौंकाने वाला खुलासा
कैंसर का इलाज कब किया जाए, यह जितना जरूरी है, उतना ही अहम ये भी है कि वह किस समय किया जाए। एक नए शोध से पता चला है कि इम्यूनोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी जैसे इलाज को शरीर की प्राकृतिक 24 घंटे की घड़ी (सर्कैडियन रिदम) के साथ तालमेल बिठाकर करने से वे ज्यादा असरदार हो सकते हैं और मरीजों को साइड इफेक्ट्स भी कम झेलने पड़ेंगे।
सुबह इम्यूनोथेरेपी लेने से कम होता है मौत का खतरा
हमारा शरीर रोजाना एक 24 घंटे के चक्र पर काम करता है, जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता और कोशिकाओं की मरम्मत जैसे कई कामों को प्रभावित करता है।
शोध में पाया गया कि जिन मरीजों को सुबह के समय इम्यूनोथेरेपी दी गई, उनमें मौत का खतरा दोपहर में इलाज कराने वालों के मुकाबले 63 फीसदी तक कम था। दरअसल, सुबह के वक्त हमारा प्रतिरक्षा तंत्र ज्यादा सक्रिय होता है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी बड़े स्तर पर और ट्रायल्स की जरूरत है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि इस जानकारी से कैंसर के इलाज को और भी व्यक्तिगत और असरदार बनाया जा सकेगा।