आर्कटिक नदियों के डेल्टा में जमा 63 अरब टन कार्बन से गहराएगा जलवायु संकट
एक नया अध्ययन बताता है कि आर्कटिक नदियों के डेल्टा की जमी हुई मिट्टी में करीब 63 अरब टन कार्बन दबा हुआ है। यह कार्बन हजारों सालों से यहीं फंसा हुआ है, लेकिन आर्कटिक क्षेत्र के लगातार गर्म होने से इस दबे हुए कार्बन के बाहर निकलने का खतरा बढ़ गया है।
अगर, ऐसा हुआ तो हवा में ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा बढ़ जाएगी, जिससे जलवायु परिवर्तन और भी गंभीर रूप ले लेगा।
यह जानने के लिए वैज्ञानिकों ने साइबेरिया की लीना नदी और कनाडा की मैकेंजी नदी समेत कई इलाकों से 1,600 से ज्यादा मिट्टी के नमूने जमा किए।
डेल्टा में पर्माफ्रॉस्ट कार्बन का 5 फीसदी हिस्सा जमा
हैरानी की बात यह है कि कुल पर्माफ्रॉस्ट क्षेत्र का सिर्फ 1 फीसदी हिस्सा घेरने वाले आर्कटिक डेल्टा में पर्माफ्रॉस्ट में मौजूद कुल कार्बन का 5 फीसदी हिस्सा जमा है।
इसके अलावा, इन डेल्टा में अरबों टन नाइट्रोजन भी मौजूद है। अगर, यह नाइट्रोजन बाहर निकल जाता है तो स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर इसका गंभीर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।