खगोलविदों ने आकाशगंगा के अंदर खोजी एरिथ्रोस प्राकृतिक शर्करा, खुल सकते हैं कई राज
खगोल वैज्ञानिकों ने हाल ही में मिल्की वे आकाशगंगा के केंद्र के पास एक अनोखी चीज ढूंढ निकाली है। करीब 26,700 प्रकाश वर्ष दूर गैस और धूल के एक विशाल बादल में 'एरिथ्रोस' नाम की एक तरह की प्राकृतिक शर्करा (शुगर) मिली है।
यह बादल वैसे भी कई तरह के रसायनों से भरा है और यहीं नए सितारे बनते रहते हैं। स्पेन में लगे रेडियो टेलीस्कोप की बदौलत ही वैज्ञानिक यह खोज कर पाए।
जीवन की शुरुआत का मिला एक संकेत
वैज्ञानिकों ने बहुत हल्के रेडियो सिग्नलों को पकड़ा और इस तरह एरिथ्रोस की खास रासायनिक पहचान कर ली। यह पहली बार है, जब अंतरिक्ष की गहराइयों में कोई शर्करा पाई गई है।
भले ही यह शर्करा सीधे तौर पर किसी जीव के काम न आती हो, लेकिन कुछ खास परिस्थितियों में यह और भी जरूरी शर्करा में बदल सकती है।
इसका मतलब है कि ग्रहों के बनने से बहुत पहले ही अंतरिक्ष के ठंडे माहौल में जीवन के लिए जरूरी चीजें बनना शुरू हो सकती हैं।
यह दिखाता है कि शायद ब्रह्मांड जितना हम सोचते थे, उससे कहीं पहले से ही जीवन के लिए तैयार था।