डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने में उपयोगी हो सकते हैं ये 5 AI टूल्स, जानिए कैसे
क्या है खबर?
डिजिटल दुनिया में खतरों का माहौल तेजी से बदल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स डिजिटल सुरक्षा को बेहतर बना रहे हैं। इनसे खतरों का पता जल्दी चलता है, गलत अलर्ट कम आते हैं। टूल्स मौजूदा सुरक्षा सिस्टम्स में बड़ी आसानी से फिट हो जाते हैं। इनसे सुरक्षा टीमें जटिल साइबर खतरों से हमेशा एक कदम आगे रहती हैं। यहां 5 बेहतरीन AI टूल्स दिए गए हैं, जिनका इस्तेमाल संगठन अपनी सुरक्षा मजबूत करने के लिए कर सकते हैं।
#1
सेंटिनलवन: खुद से काम करने वाली प्रतिक्रिया क्षमताएं
सेंटिनलवन AI की ताकत से एंडपॉइंट (कंप्यूटर या डिवाइस), क्लाउड और पहचान की सुरक्षा देता है। इसमें खुद से खतरों पर प्रतिक्रिया करने की क्षमता है। इसका पर्पल AI एक स्मार्ट सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (SOC) असिस्टेंट की तरह काम करता है। यह अलर्ट को छांटता है और असली खतरों को सामने लाता है। समय के साथ यह हमलावरों के तरीकों को सीखता जाता है, जिससे खतरों को पहचानने की सटीकता और बढ़ती है।
#2
क्राउडस्ट्राइक फाल्कन: तुरंत खतरे की जानकारी
क्राउडस्ट्राइक फाल्कन मुख्य रूप से एंडपॉइंट पर ध्यान देता है। यह मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करके खतरों को तुरंत ढूंढता है और उन पर कार्रवाई करता है। यह एक्सटेंडेड डिटेक्शन और रिस्पॉन्स (XDR) इकोसिस्टम में काफी अलग है। यह अलग-अलग जगहों से डाटा को जोड़कर ज्यादा जोखिम वाले अलर्ट को प्राथमिकता देता है। इस तरीके से संगठन सबसे जरूरी मुद्दों पर ध्यान देकर खतरों से ज्यादा प्रभावी तरीके से निपट सकते हैं।
#3
डार्कट्रेस: असामान्य गतिविधि पहचानना
डार्कट्रेस मशीन लर्निंग की मदद से असामान्य गतिविधियों को पहचानता है। यह नेटवर्क पर आने वाले खतरों का खुद से जवाब देता है। यह एंडपॉइंट, नेटवर्क और क्लाउड पर होने वाली अजीब गतिविधियों को पहचानता है। इससे संगठन किसी बड़े हमले से पहले ही उसे रोक पाते हैं। टूल उन कंपनियों के लिए बहुत काम का है, जो किसी संभावित घुसपैठ के छोटे-से-छोटे संकेत को भी पहचानने की अपनी क्षमता को बढ़ाना चाहती हैं।
#4
रेडिएंट सिक्योरिटी: अलर्ट छांटने का काम खुद से करना
रेडिएंट सिक्योरिटी एक एजेंटिक AI SOC प्लेटफॉर्म की तरह काम करता है। यह अलर्ट को छांटने, जांच करने और उन पर प्रतिक्रिया अपने आप देता है। इससे गलत अलर्ट 90 फीसदी तक कम होते हैं। इसमें पारदर्शी AI रीजनिंग जैसी खूबियां हैं। इनकी वजह से सुरक्षा टीमें असली खतरों पर ध्यान दे पाती हैं और प्रतिक्रिया देने का समय भी कम हो जाता है। इस तरह, टीमें अपनी कोशिशें ज्यादा असरदार तरीके से असली सुरक्षा घटनाओं पर लगा पाती हैं।
#5
एक्यूनॉक्स AI कोपायलट: क्लाउड-नेटिव माहौल की सुरक्षा
एक्यूनॉक्स AI कोपायलट खासकर क्लाउड-नेटिव माहौल के लिए बनाया गया है। यह कुबेरनेट्स रनटाइम सुरक्षा देता है। इसके साथ ही, यह eBPF टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके खतरों की ऑटोमेटिक मॉडलिंग और जीरो-ट्रस्ट पॉलिसी को भी लागू करता है। यह हल्का होने के साथ-साथ बड़े स्तर पर सुरक्षा देता है, जिसका सिस्टम की परफॉर्मेंस पर बहुत कम असर पड़ता है। यह उन आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सही है, जो साइबर खतरों से निपटने के लिए मजबूत और असरदार समाधान चाहते हैं।