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जीरो-वेस्ट रिटेल को आगे बढ़ाने वाले 5 AI टूल
AI टूल्स खुदरा बिक्री में जीरो-वेस्ट प्रबंधन को बढ़ावा दे रहे हैं

जीरो-वेस्ट रिटेल को आगे बढ़ाने वाले 5 AI टूल

Jun 10, 2026
06:29 pm

क्या है खबर?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जीरो-वेस्ट यानि कचरा कम करने के तरीकों को बेहतर बनाकर रिटेल इंडस्ट्री को बदल रहा है। ये टूल मांग का सही अनुमान लगाकर, खराब होने वाले सामान पर नजर रखकर, कचरा छांटने और निपटाने के फैसलों को ऑटोमेटिक करके दुकानदारों को कचरा कम करने में मदद कर रहे हैं। आइए जानते हैं ऐसे 5 AI टूल्स, जो जीरो-वेस्ट रिटेल के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला रहे हैं।

#1

एफ्रेश: स्मार्ट इन्वेंट्री मैनेजमेंट

एफ्रेश AI का इस्तेमाल करके बिक्री का डाटा, इंवेंट्री लेवल, मौसम और सीजन जैसी कई चीजों की जांच करता है। इन सब के आधार पर यह ताजी सब्जियों और दूसरे सामान के लिए ऑर्डर करने की सलाह देता है। इस तरीके से, किराना दुकानदार सामान की मांग का सही अनुमान लगाकर ज्यादा स्टॉक जमा होने से बचा पाते हैं। इस तरह, जरूरत से ज्यादा सामान जमा न होने देने से खाने की बर्बादी को काफी हद तक कम करता है।

#2

शेल्फ इंजन: खराब होने वाली चीजों के लिए सटीक ऑर्डरिंग

शेल्फ इंजन एक AI संचालित ऑर्डरिंग टूल है, जिसे खासकर किराना दुकानों के लिए बनाया गया है। यह इंसानी अंदाजे लगाने की बजाय, स्टॉक के स्तर को असली मांग से मिलाकर ऑर्डर की सटीकता को बढ़ाता है। इस तरह की सटीकता खराब होने वाली चीजों के लिए बहुत काम आती है क्योंकि यह ज्यादा ऑर्डर होने और उससे होने वाले कचरे की संभावना को कम करती है और नुकसान घटता है।

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#3

विननाऊ: कचरे को रियल-टाइम में ट्रैक करना

विननाऊ AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके कमर्शियल रसोईघरों और रिटेल फूडसर्विस परिचालन में खाने की बर्बादी पर अच्छी तरह नजर रखता है। यह विस्तार से रिपोर्ट दिखाकर कचरे को सामने लाता है, जिससे बिजनेस उन खास जगहों को पहचान पाते हैं, जहां मेन्यू बनाने या सामान खरीदने के फैसलों में बदलाव करके बर्बादी को बहुत कम किया जा सकता है। यह जानकारी दुकानदारों को ऐसी खास रणनीतियां बनाने में मदद करती है, जो कमियों को दूर कर सकें।

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#4

ओलिओ: बचे हुए खाने को कुशलता से बांटना

ओलिओ एक कम्युनिटी-आधारित प्लेटफॉर्म है, जो आस-पास के यूजर्स या कम्युनिटी पार्टनर्स को बचे हुए खाने को फेंकने के बजाय उसे बांटने की सुविधा देता है। AI-आधारित मैचिंग और लॉजिस्टिक्स सिस्टम की मदद से यह बचे हुए सामान को दोबारा बांटने की प्रक्रिया को तेज और ज्यादा कुशल बनाता है। ये तरीके रिटेल के क्षेत्र में जीरो-वेस्ट पहल के लिए बहुत जरूरी हैं। ये बेवजह खाने की बर्बादी को काफी कम करने और स्थिरता लाने में मदद करते हैं।

#5

टू गुड टू गो: बचे हुए सामान को बिक्री में बदलना

टू गुड टू गो दुकानदारों को उस खाने को रियायती दाम पर बेचने में मदद करता है, जो खराब होने वाला होता है, बजाय इसके कि उसे फेंक दिया जाए। यह दूसरे AI अनुमान लगाने वाले टूल्स के साथ बिल्कुल सही बैठता है, ताकि पहले तो अतिरिक्त सामान बने ही न। साथ ही, यह उन चीजों पर सस्ते विकल्प देकर टिकाऊ उपभोक्ता आदतों को बढ़ावा देता है, जो अन्यथा बर्बाद हो जातीं।

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