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पश्चिम बंगाल: घरों में बर्तन धोकर 2,500 रुपये महीना कमाने वाली कलिता माझी बनीं विधायक
लोगों के घरों में बर्तन धोने वालीं कलिता माझी विधायक बन गई हैं

पश्चिम बंगाल: घरों में बर्तन धोकर 2,500 रुपये महीना कमाने वाली कलिता माझी बनीं विधायक

लेखन आबिद खान
May 05, 2026
01:37 pm

क्या है खबर?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। अब विजेता चेहरों की कहानियां सामने आ रही हैं। ऐसी ही एक कहानी ऑसग्राम सीट से भाजपा के टिकट पर विधायक बनी कलिता माझी की हैं। वे लोगों के घरों में बर्तन धोकर और साफ-सफाई का काम कर अपनी जीविका चलाती थीं। महीने के 2,500 रुपये कमाने वाली कलिता अब राज्य की विधानसभा में नजर आएंगी।

जीत

कलिता ने 12,000 वोटों से TMC प्रत्याशी को हराया

कलिता ने ऑसग्राम सीट से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार श्यामा प्रसन्ना लाहौर को 12,535 वोटों के अंतर से हराया। कलिता को कुल 1,07,692 वोट मिले। कलिता ने चुनाव प्रचार के लिए भी अनोखी रणनीति अपनाई। वे घर-घर जाकर लोगों से मिलतीं और खुद ही अपना काम बतातीं। उनकी जीत पर भाजपा सांसद पीसी मोहन कहा, "यही भाजपा की ताकत है, जहां एक आम नागरिक भी आगे बढ़ सकता है और सचमुच प्रेरणादायक कहानी लिख सकता है।"

पति

पति भी करते हैं मजदूरी

कलिता के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनकी शादी सुब्रत माझी से हुई है, जो मजदूरी करते हैं। उनके पास कुल 1.61 लाख रुपये की संपत्ति है, जिसमें बैंक में जमा राशि, नकदी और LIC की पॉलिसी शामिल हैं। वहीं, उनके पति के पास अचल संपत्ति के तौर पर 871 वर्ग फीट जमीन है, जो उनके पिता ने उन्हें तोहफे में दी थी। इस प्लॉट की कीमत लगभग 3 लाख रुपये है।

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काम

कलिता ने कहा- ये आम लोगों की जीत

विधायक बनने से पहले कलिता 4 घरों में घरेलू सहायिका का काम करती थीं। चुनाव प्रचार के दौरान भी उन्होंने काम नहीं छोड़ा था। जीत के बाद उन्होंने कहा, "यह बहुत खुशी की जीत है। मुझे बहुत खुशी हो रही है और यह आम लोगों की जीत है। यह मेरी अपनी जीत नहीं है। जनता ने मुझे आशीर्वाद दिया है, प्यार से दोनों हाथ भरकर आशीर्वाद दिया है। दोनों हाथों से वोट दिया है, इसलिए यह जीत हुई है।"

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2021

2021 में भी चुनाव लड़ चुकी हैं कलिता

कलिता पिछले करीब एक दशक से राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत एक बूथ-स्तरीय कार्यकर्ता के तौर पर की थी। 2021 के विधानसभा चुनावों में भी भाजपा ने कलिता को टिकट दिया था। तब उन्हें लगभग 41 प्रतिशत वोट मिले थे और वे करीब 12,000 वोटों से TMC के अभेदानंद थांडेर से हार गई थीं। इस बार फिर भाजपा ने उन पर भरोसा जताया, जिस पर वे खरी उतरीं।

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