NDA में शामिल कराने से पहले दोनों NCP गुटों को एक क्यों करना चाहती है भाजपा?
क्या है खबर?
पिछले कुछ हफ्तों से शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने की अटकलें तेज हैं। हालांकि, अब खबर है कि कथित तौर पर भाजपा ने कहा है कि ऐसा तभी होगा, जब NCP के दोनों गुट- शरद और सुनेत्रा पवार एक होंगे। उसके बाद ही NCP को NDA में शामिल कराने पर विचार किया जाएगा। आइए समझते हैं भाजपा ऐसा क्यों चाहती है।
रिपोर्ट
क्या है भाजपा का प्रस्ताव?
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा नेतृत्व केवल NCP (शरद) को NDA में शामिल करने का इच्छुक नहीं है। भाजपा की मांग है कि गठबंधन में शामिल होने से पहले उसे सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली NCP के साथ एक होना होगा।
भाजपा ने NCP (शरद) के NDA में विलय की संभावना को भी खारिज कर दिया है।
न्यूज18 के मुताबिक, इस मामले पर अंतिम फैसला अगले 8 से 15 दिनों में आने की संभावना है।
फायदा
भाजपा को क्या होगा फायदा?
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब NCP (शरद) ने संकेत दिया है कि वह परिसीमन विधेयक पर सरकार का समर्थन कर सकती है। ये एक संविधान संशोधन विधेयक है, ऐसे में इसे दो-तिहाई मतों से पारित होना जरूरी है।
भाजपा के लिए NCP (शरद) का NDA में शामिल होना उसे संसद में दो-तिहाई बहुमत के करीब ले जाएगा।
NCP (शरद) के पास लोकसभा में 8 और राज्यसभा में एक सीट है।
वजह
NCP के दोनों गुटों को एक क्यों कराना चाहती है भाजपा?
भाजपा का मानना है कि केवल NCP (शरद) को गठबंधन में शामिल करने से उसके वर्तमान सहयोगियों के बीच असुरक्षा पैदा हो सकती है।
द प्रिंट से एक भाजपा नेता ने कहा, "अगर दोनों गुट एक हो जाते हैं तो इससे हमें विपक्ष का मुकाबला करने में भी मदद मिलेगी, क्योंकि एकजुट NCP एक मजबूत मराठा-केंद्रित वोट बैंक प्रदान करती है, जो सत्ताधारी गठबंधन को स्थिर करने में सहायक होगा।"
मतभेद
सुनेत्रा पवार का NCP अध्यक्ष पद पर दावा
कुछ रिपोर्ट में दावा किया गया है कि महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और दिवंगत नेता अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार दोनों गुटों के एक होने की स्थिति में NCP अध्यक्ष पद पर बने रहना चाहती हैं।
साथ ही वे चाह रही हैं कि महाराष्ट्र का वित्त विभाग उनकी पार्टी को मिले। वहीं, शरद पवार गुट की नजर भी इस विभाग पर है।
ये भी दावा है कि शरद खुद गठबंधन को लेकर इतने इच्छुक नहीं हैं।
विलय
विलय पर राजी नहीं है सुनेत्रा और पार्थ पवार
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, सुनेत्रा पवार के एक करीबी सहयोगी ने बताया कि सुनेत्रा और उनके बेटे पार्थ पवार पार्टी के विलय के पक्ष में नहीं हैं।
इस सहयोगी ने कहा, "NCP अध्यक्ष (सुनेत्रा) और उनके बेटे (पार्थ) दोनों ही विलय का कड़ा विरोध कर रहे हैं, क्योंकि वे नहीं चाहते कि NCP (शरद) अध्यक्ष शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले का पार्टी पर फिर से नियंत्रण हो जाए।"
बैठकें
मुख्यमंत्री फडणवीस से मिले दोनों NCP गुट के नेता
15 जुलाई की रात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से NCP के दोनों गुटों के नेताओं की बैठक हुई। NCP (शरद) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने पुष्टि की कि उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित एक मामले पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। पाटिल ने आज उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से भी मुलाकात की।
इसी दिन NCP के प्रफुल्ल पटेल भी मुख्यमंत्री से मिले थे।
हालांकि, सभी ने मुलाकातों को गैर-राजनीतिक बताया।