केरलम का मुख्यमंत्री कौन? केसी वेणुगोपाल को 43 विधायकों का समर्थन, वीडी सतीशन भी दौड़ में
क्या है खबर?
केरलम में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को बहुमत मिलने के बाद अब मुख्यमंत्री चयन को लेकर हलचल तेज हो गई है। अहम दावेदारों में AICC संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और विपक्ष के नेता वीडी सतीशन सबसे आगे चल रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री चयन यहां आलाकमान के लिए चुनौती बन गया है। बीते दिन AICC पर्यवेक्षक अजय माकन और मुकुल वासनिक ने विधायकों के साथ बैठक की थी।
विधायक
43 विधायकों ने वेणुगोपाल का समर्थन किया- रिपोर्ट
न्यूज18 ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बीते दिन हुई बैठक में माकन और वासनिक के सामने 43 नव निर्वाचित कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री पद के लिए केसी वेणुगोपाल का समर्थन किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ विधायकों ने अपनी पसंद नहीं बताई और ऐसा माना जा रहा है कि उन्होंने पर्यवेक्षकों को यह संकेत दिया है कि वे आलाकमान का जो भी फैसला होगा, उसे स्वीकार कर लेंगे।
UDF
IUML ने किया सतीशन का समर्थन
वहीं, कांग्रेस की अहम सहयोगी और UDF में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री पद के लिए वीडी सतीशन का समर्थन किया है। IUML नेताओं ने पर्यवेक्षकों को यह भी बताया कि उपचुनाव की आवश्यकता से बचने के लिए किसी मौजूदा विधायक को ही मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। बता दें कि IUML के पास 22 विधायक हैं और वो राज्य में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है।
बैठक
पर्यवेक्षकों की बैठक में क्या-क्या हुआ?
तिरुवनंतपुरम में पार्टी मुख्यालय में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में एक पंक्ति का प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को विधायक दल के नेता के चयन पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार दिया गया। इसके बाद माकन और वासनिक ने हर विधायक के साथ व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। इसके बाद दोनों IUML, केरल कांग्रेस गुटों और RSP सहित UDF के प्रमुख सहयोगी पार्टी के नेताओं से भी मिले।
अन्य नेता
रमेश चेन्निथला भी दौड़ में
वेणुगोपाल और सतीशन के अलावा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में हैं। नतीजों के बाद वेणुगोपाल के समर्थकों ने पार्टी मुख्यालय के बाहर और अन्य हिस्सों में बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाए हैं, जबकि सतीशन के समर्थकों ने उन्हें अगला मुख्यमंत्री चुने जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किए हैं। ऐसे में नेतृत्व के लिए किसी एक का चयन करना चुनौती है। दोनों पर्यवेक्षक दिल्ली पहुंचकर खड़गे को रिपोर्ट सौपेंगे।